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इस बजह से पूर्व विधायक संजय शर्मा के यहां पड़ी ED की Raid, जानिए क्या है पूरा मामला

Big News Narsinghpur

Big News Narsinghpur : टोल प्लाजा से गुजरते वक्त शायद ही किसी ने सोचा हो कि वहां करोड़ों की गड़बड़ी चल रही होगी। लेकिन अब यही शक हकीकत में बदल गया है। बुधवार, 2 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़े एक बड़े मामले में छापेमारी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार इसी मामले को लेकर पूर्व विधायक संजय शर्मा के यहां भी कार्यवाही की गई है सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई फर्जी टोल वसूली और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है।

कहां-कहां हुई छापेमारी

ED की लखनऊ जोनल टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA की धारा 17 के तहत यह अभियान चलाया। एजेंसी ने कुल सात राज्यों में एक साथ 14 ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, दिल्ली-NCR और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। कोलकाता जैसे बड़े शहर में भी अहम ठिकानों की जांच हुई है।

आखिर आरोप क्या हैं

जांच एजेंसियों के मुताबिक टोल प्लाजा पर अनधिकृत यानी बिना मंजूरी वाले सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं। इसका मकसद असली कमाई को छुपाना था। आरोप है कि टोल से मिलने वाली रकम को जानबूझकर आधिकारिक हिसाब-किताब में दर्ज ही नहीं किया गया। यानी सरकारी खजाने तक पहुंचने से पहले ही यह पैसा कहीं और डायवर्ट होता रहा। यह पूरा मामला पहले दर्ज हुई एक पुलिस FIR से निकला है। उसी FIR के आधार पर ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की।

क्या-क्या जब्त किया जा रहा है

छापेमारी के दौरान ED की टीम वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और मनी ट्रेल से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। साथ ही अपराध से कमाई गई संपत्तियों की भी पड़ताल हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का मकसद यह पता लगाना है कि इस कथित घोटाले से किन-किन लोगों को फायदा पहुंचा और पैसा आखिर किस रास्ते से घूमता रहा।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहला मौका नहीं है जब इस मामले में ED सक्रिय हुई है। बीते महीने भी इसी टोल फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में धारा 17 के तहत 14 ठिकानों पर तलाशी ली जा चुकी है। ताजा छापेमारी से साफ है कि एजेंसी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है और मामले को गंभीरता से आगे ले जा रही है। हलाकि अभी आधिकारिक बयान बयान आना बाकि है।