मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर बड़ी अपडेट, इस महीने से शुरू होगा दूसरा चरण जानिए
MP Employee Promotion : मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रमोशन को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए सरकार अब अगले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रमोशन का दूसरा चरण जनवरी 2027 से शुरू करने की तैयारी है और इसमें उन कर्मचारियों के मामलों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिनकी सेवानिवृत्ति में करीब एक या दो साल बाकी हैं।
इस प्रक्रिया की तैयारी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD (General Administration Department) को जरूरी काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर पर विभागों से यह जानकारी भी मांगी गई है कि अब तक कितने प्रमोशन हुए हैं, कितने मामले लंबित हैं और जिन कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिल पाई, उसके पीछे वजह क्या है।
इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिनकी सेवा समाप्त होने में ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे मामलों में पहले DPC यानी Departmental Promotion Committee की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।
जनवरी 2027 से पदोन्नति प्रक्रिया का दूसरा चरण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनवरी 2027 से पदोन्नति प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी है। इसका फोकस उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर रहेगा, जिनकी पदोन्नति पात्रता बनती है और जो रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके हैं।
सरकार की चिंता यह है कि लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति संबंधी कानूनी प्रक्रिया के कारण किसी पात्र कर्मचारी का अगला प्रमोशन केवल देरी की वजह से छूट न जाए। हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है। जनवरी 2027 से प्रक्रिया शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को उसी समय स्वतः प्रमोशन मिल जाएगा। संबंधित कर्मचारी की पात्रता, रिक्त पद और DPC की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी रहेगा।
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को पहले
प्रमोशन का यह चरण उन कर्मचारियों के लिए खास महत्व रख सकता है, जिनकी सेवानिवृत्ति अगले एक-दो साल में होनी है। अगर किसी कर्मचारी की पदोन्नति सेवा नियमों के तहत लंबित है और इसी दौरान उसकी सेवानिवृत्ति हो जाती है, तो उस मामले को समय पर निपटाने की जरूरत और बढ़ जाती है। इसी वजह से ऐसे कर्मचारियों की DPC पहले कराने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। यह प्राथमिकता पात्र कर्मचारियों की लंबित प्रक्रिया को समय रहते पूरा करने के उद्देश्य से जुड़ी बताई गई है। इसे सभी रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों के लिए स्वतः प्रमोशन का आदेश नहीं माना जाना चाहिए।
50 हजार से ज्यादा प्रमोशन लंबित
प्रदेश के अलग-अलग विभागों में 50 हजार से ज्यादा प्रमोशन लंबित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक शासन ने GAD से विभागवार ताजा आंकड़े मांगे हैं। इसलिए लंबित मामलों की अंतिम संख्या विभागों से मिलने वाली जानकारी के बाद अधिक स्पष्ट होगी। यानी इस समय केवल कुल संख्या पर नजर रखने के बजाय यह देखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा कि किस विभाग में कितने मामले लंबित हैं और उनमें से कितने कर्मचारी अगले चरण के लिए पात्र हैं।
GAD से दो दिन में मांगी गई जानकारी
25 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक शासन स्तर से GAD को विभागवार स्थिति जुटाने के लिए कहा गया है। इसमें यह बताने को कहा गया है कि प्रत्येक विभाग में कितने प्रमोशन हो चुके हैं, कितने बाकी हैं और प्रमोशन नहीं होने की वजह क्या है।
यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकार को लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति का विभागवार आकलन करने में मदद मिलेगी। इसके बाद जिन मामलों में जरूरी औपचारिकताएं पूरी हैं, उनकी DPC प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।
पांच साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रमोशन तय
प्रमोशन को लेकर कर्मचारियों के बीच अक्सर यह बात कही जाती है कि पांच साल की सेवा पूरी होने के बाद प्रमोशन तय होता है। लेकिन नियमों को इस तरह समझना सही नहीं होगा कि पांच साल पूरे होते ही पदोन्नति अपने-आप मिल जाती है।
मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 में चयन वर्ष के लिए सेवा अवधि की गणना और DPC की प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान हैं। आधिकारिक नियमों के मुताबिक चयन वर्ष की पदोन्नति के लिए कर्मचारी की सेवा अवधि को संबंधित अवधि तक देखा जाता है। इसलिए पांच साल की पात्र सेवा एक महत्वपूर्ण शर्त हो सकती है, लेकिन प्रमोशन के लिए DPC और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं भी जरूरी हैं।
अलग-अलग संवर्गों और पदों के बीच पदोन्नति
ताजा रिपोर्ट में कई अलग-अलग संवर्गों और पदों के बीच पदोन्नति का उल्लेख किया गया है। इनमें ग्रेड-2 से ग्रेड-1, ग्रेड-1 से सेक्शन ऑफिसर, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव और आगे के प्रशासनिक पद शामिल बताए गए हैं।
इंजीनियरिंग संवर्ग में भी डिप्टी से असिस्टेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर से ईई, ईई से एसई और एसई से सीई जैसे पदों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। किस कर्मचारी को किस पद पर पदोन्नति मिलेगी, यह उसके संवर्ग, पात्रता, उपलब्ध रिक्ति और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
2025 के प्रमोशन नियमों में DPC का क्या प्रावधान है?
मध्य प्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 जारी किए थे। आधिकारिक दस्तावेज में पदोन्नति के लिए Departmental Promotion Committee यानी DPC की व्यवस्था और चयन वर्ष से जुड़ी प्रक्रिया का प्रावधान है।
नियमों के मुताबिक DPC की बैठक चयन वर्ष के लिए आयोजित की जाती है और पदोन्नति के लिए कर्मचारियों की उपयुक्तता पर विचार किया जाता है। इससे साफ है कि प्रमोशन प्रक्रिया केवल सेवा अवधि पूरी करने तक सीमित नहीं रहती।
