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आशिकी में अंधी पत्नी ने चचेरे भतीजे के साथ मिलकर रची पति की हत्या की साजिश


UP Crime News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मझोला थाना क्षेत्र के कुंदनपुर में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहां 30 वर्षीय पवन कुमार ठाकुर की उनकी ही पत्नी आंचल, साली शिखा और उनके दो प्रेमियों (अंकित और अजय दिवाकर) ने मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पवन को पहले घर में बंधक बनाया, फिर बिजली का करंट लगाया और इसके बाद जबरन जहर देकर मार डाला। इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे खुदकुशी का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

प्रेम संबंध और गृहक्लेश बना हत्या की वजह

पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक पवन कुमार ठाकुर मूल रूप से संभल के रहने वाले थे और उनकी शादी 6 साल पहले आंचल से हुई थी। दोनों की दो साल की एक बेटी भी है। पवन मुरादाबाद की एक निजी फर्म में काम करते थे। कुछ समय पहले पवन के गांव वाले घर पर उनके चचेरे भाई के बेटे अंकित का आना-जाना शुरू हुआ। इसी दौरान आंचल और अंकित के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए। जब पवन को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने परिवार को टूटने से बचाने और विवाद से दूर रहने के लिए गांव छोड़ दिया और मुरादाबाद के कुंदनपुर इलाके में किराए पर रहने लगे। इसके बावजूद आंचल ने अंकित से बातचीत और संपर्क जारी रखा। इसी बीच आंचल की बहन शिखा की दोस्ती भी जयंतलपुर के रहने वाले अजय दिवाकर से हो गई। दोनों बहनों ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे पवन को रास्ते से हटाने की खतरनाक योजना बनाई।

कमरे में बैठकर की पार्टी

घटना वाले दिन यानी बीते शुक्रवार की शाम जब पवन अपनी ड्यूटी खत्म करके घर लौटे, तो आंचल ने पहले से तय रणनीति के तहत उनसे झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ते ही आंचल और उसकी बहन शिखा ने पवन को काबू में किया और रस्सी से बांधकर बंधक बना लिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने प्रेमियों, अंकित और अजय को फोन करके घर बुला लिया। आरोप है कि चारों ने मिलकर पवन को बिजली के नंगे तारों से करंट के झटके दिए। जब पवन अधमरे हो गए, तो उनके मुंह में जबरन जहरीला पदार्थ डाल दिया गया। पुलिस पूछताछ में एक बेहद चौंकाने वाला और असंवेदनशील पहलू सामने आया है कि जब पवन कमरे में दर्द से तड़प रहे थे, तब चारों आरोपी उसी घर के दूसरे हिस्से में बैठकर सामान्य रूप से खाना-पीना और पार्टी कर रहे थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की सख्ती से खुला राज

पवन की मौत सुनिश्चित करने के बाद आरोपियों ने इस जघन्य अपराध को आत्महत्या साबित करने का ड्रामा रचा। आंचल ने खुद पवन की बहनों को फोन किया और रोते हुए कहा कि पवन ने कोई जहरीली चीज खा ली है। आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंचे और पवन को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने के बाद आंचल ने लगातार पुलिसिया कार्रवाई और पोस्टमार्टम का विरोध करना शुरू कर दिया। वह बिना पोस्टमार्टम के शव को घर ले जाने की जिद पर अड़ी रही। आंचल के इस अजीब व्यवहार ने मझोला पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की पूरी सच्चाई सामने ला दी। रिपोर्ट में पवन के शरीर पर करंट के निशान और पेट में जहर की पुष्टि हुई। इसके बाद जब पुलिस ने आंचल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश उगल दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आंचल, उसकी बहन शिखा, अंकित और अजय दिवाकर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। स्थानीय कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है और पुलिस अब इस मामले में तेजी से चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।