- मध्यप्रदेश के 25 जिलों में भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है।
- खजुराहो में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
- अगले 3-4 दिनों में हल्की बारिश से उमस बढ़ने की संभावना है।
- कंक्रीट के बढ़ते निर्माण के कारण रात का तापमान भी कम नहीं हो रहा है।
- दोपहर 12 से 4 बजे तक घर में रहने की स्वास्थ्य विभाग की सलाह।
Bhopal Temperature : मध्यप्रदेश में इस
समय सूरज की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी झुलसाने लगी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के करीब 25 जिलों में भीषण लू (Heatwave) चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर से आ रही नमी और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम की वजह से अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, यह बारिश राहत के बजाय हवा में उमस पैदा करेगी, जिससे बेचैनी और अधिक बढ़ सकती है।
रिकॉर्ड तोड़ रहा है पारा, खजुराहो सबसे गर्म
प्रदेश में गर्मी का आलम यह है कि खजुराहो में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। केवल खजुराहो ही नहीं, बल्कि नर्मदापुरम, नौगांव और सागर जैसे इलाकों में भी पारा 44 डिग्री के स्तर को छू रहा है। राजधानी भोपाल में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सुबह सूरज निकलने से पहले ही लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। रात के समय भी न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिर रहा, जिसके कारण लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
इन 25 जिलों में लू का सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा और नर्मदापुरम सहित कुल 25 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी वैज्ञानिक उमा शंकर दास ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर सकते हैं। प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेवजह घरों से बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
बारिश से राहत नहीं, बढ़ने वाली है परेशानी
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, जब तापमान 43-44 डिग्री तक पहुंचता है, तो हवा में मौजूद नमी सक्रिय हो जाती है। फिलहाल मध्यप्रदेश के मध्य भाग में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं का एक चक्रवात बन रहा है। इसके प्रभाव से दोपहर के बाद बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि तेज गर्मी के बीच होने वाली यह हल्की बारिश वातावरण में नमी (Humidity) को बढ़ा देती है। इससे शरीर से पसीना सूखना बंद हो जाता है और उमस भरी गर्मी लोगों को ज्यादा बीमार कर सकती है।
रातें क्यों हो रही हैं असहनीय?
बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीट के निर्माण ने मध्यप्रदेश के शहरों को 'हीट आइलैंड' में बदल दिया है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दिन भर सड़कें और ऊंची इमारतें सौर विकिरण को सोखती हैं। रात के समय जब बादल छाते हैं, तो यह अवशोषित गर्मी वापस अंतरिक्ष में नहीं जा पाती। यही कारण है कि इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में रातें भी दिन की तरह गर्म महसूस हो रही हैं। अगले 48 घंटों के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की मामूली गिरावट की उम्मीद है, लेकिन उमस का सिलसिला जारी रह सकता है।