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अपना-अपना त्योहार मनाएं…’, गरबा में मुस्लिम एंट्री पर धीरेंद्र शास्त्री का बयान चर्चा में

Bageshwar Dham News: नवरात्रि के गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर महाराष्ट्र में चल रही बहस के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक परंपरा और भागीदारी पर अपनी राय रखी।
Bageshwar Dham News

Mp Big News,Bageshwar Dham News: : नवरात्रि शुरू होने में अभी कुछ समय है, लेकिन गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर बहस अभी से तेज हो गई है। महाराष्ट्र में विश्व हिंदू परिषद की ओर से गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी रोकने की अपील के बाद यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है।

17 सितंबर 2026 को सामने आए बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि लोगों को अपने-अपने धार्मिक त्योहार मनाने चाहिए। उन्होंने नवरात्रि को सनातन परंपरा और देवी पूजा से जुड़ा पर्व बताते हुए मुस्लिमों की गरबा में भागीदारी पर सवाल उठाया। इसी दौरान उन्होंने कहा, “मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों के लिए धार्मिक पहचान, प्रवेश नियम और आयोजकों के अधिकार को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। इसलिए इस बयान ने पहले से चल रही बहस को और चर्चा में ला दिया है।

धीरेंद्र शास्त्री ने गरबा को लेकर क्या बोला 

मीडिया के सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने नवरात्रि और गरबा को देवी पूजा से जुड़ा धार्मिक आयोजन बताया। उनका तर्क था कि इस्लाम में मूर्ति पूजा की मान्यता नहीं है, जबकि नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा और गरबा देवी आराधना से जुड़े हैं।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धार्मिक त्योहार मनाने चाहिए और फिर टिप्पणी की, “मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है।” यह बयान अब गरबा में गैर-हिंदुओं की भागीदारी को लेकर चल रही बहस का प्रमुख हिस्सा बन गया है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

महाराष्ट्र में नवरात्रि 2026 के गरबा और डांडिया कार्यक्रमों से पहले विश्व हिंदू परिषद ने आयोजकों से मुस्लिमों की भागीदारी रोकने की अपील की थी। संगठन ने प्रतिभागियों की पहचान सत्यापित करने और कुछ आयोजनों में आधार कार्ड की जांच तथा तिलक लगाने जैसी व्यवस्थाओं का सुझाव दिया था।

VHP के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने इस रुख को धार्मिक आयोजन की प्रकृति से जोड़ते हुए कहा था कि नवरात्रि केवल गीत-संगीत और नृत्य का कार्यक्रम नहीं बल्कि देवी की आराधना का पर्व है। VHP की अपील के मुताबिक इस कारण आयोजन में भाग लेने वालों की धार्मिक पहचान को लेकर नियम बनाए जाने चाहिए। नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होनी है। ऐसे में आयोजन शुरू होने से पहले ही प्रवेश नियमों को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।