छतरपुर गोलीकांड: राजनगर में फायरिंग के बाद शालिग्राम गर्ग गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला?
Bageshwar Dham : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव में एक जमीन विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। इस घटना में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का नाम भी शामिल है। इस पूरे मामले के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। घटना के पीछे की कहानी जमीन पर कब्जे की कोशिश से जुड़ी बताई जा रही है। घायल मोतीलाल कुशवाहा और उनके परिवार के लोगों का साफ आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने कुछ साथियों के साथ ब्रज किशोर पांडे की जमीन पर जबरन कब्जा करने पहुंचे थे। https://twitter.com/AajGothi/status/2077383061587829105 जब गांव के लोगों ने इस दादागिरी का विरोध किया, तो बात बिगड़ गई और कथित तौर पर फायरिंग कर दी गई। मोतीलाल का कहना है कि वहां के किसानों को अपनी जमीनें औने-पौने दामों पर बेचने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा है और जो लोग राजी नहीं होते, उन्हें डराया-धमकाया जाता है। पुलिस ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। शिकायत मिलने के बाद राजनगर थाने में शालिग्राम गर्ग, अंकित मिश्रा, सतीष घोषी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला कायम किया गया है, जिसमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की टीम दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की हर एक कड़ी को जोड़ा जा सके। https://twitter.com/Anurag_Dwary/status/2077292885440102731 यह पहली बार नहीं है जब शालिग्राम गर्ग विवादों के घेरे में आए हैं। इससे पहले फरवरी 2023 में भी उनका नाम चर्चाओं में रहा था। उस वक्त गढ़ा गांव में एक शादी समारोह के दौरान पिस्टल लेकर लोगों को धमकाने और मारपीट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। उस पुराने मामले में भी पुलिस ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। तब उन पर एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। फिलहाल, कोड़ा गांव के इस नए मामले में पुलिस की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। इलाके के लोग अब कानून-व्यवस्था की उम्मीद लगाए बैठे हैं और इस पूरे घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। देखना यह होगा कि पुलिस की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और इसमें और कौन-कौन से खुलासे सामने आते हैं।
