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Chhindwara News : हाथों की मेहंदी में छिपा दर्द...मेहंदी वाला सुसाइड नोटने खोल दी प्रताड़ना की पोल


Chhindwara News : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी का दिल दहला दिया है। चौरई इलाके के चन्हियाखुर्द गांव में 32 साल की प्रीति वर्मा ने जो किया, वह सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। एक विवाहिता ने मौत को गले लगाने से पहले कागज या कलम का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपने हाथ और पैरों पर मेहंदी से अपनी पूरी दास्तान लिख डाली। यह कोई आम सुसाइड नोट नहीं था, बल्कि एक ऐसी चीख थी जिसे अब पुलिस कानूनी सबूत मानकर मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रीति की शादी साल 2013 में लखन वर्मा के साथ हुई थी। बीते 13 सालों से वह एक गृहस्थी चला रही थी। घर में एक 10 साल की बेटी भी है, लेकिन जिंदगी में दुखों का पहाड़ तब टूटा जब बीमारी की वजह से उनके छोटे बेटे की मौत हो गई। इस घटना के बाद से घर का माहौल बदल गया था। कहते हैं कि वक्त हर घाव भर देता है, लेकिन प्रीति के मामले में वक्त के साथ दर्द कम होने के बजाय बढ़ता ही गया। शुक्रवार का दिन उस गांव के लिए किसी काले साये की तरह आया। प्रीति ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिवार के लोग उसे आनन-फानन में अस्पताल ले भागे। पहले उसे छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में रखा गया, फिर हालत बिगड़ती देख निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन शनिवार की शाम वह जिंदगी की जंग हार गई। सबसे अफसोस की बात यह रही कि अस्पताल में उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि वह बोल नहीं सकी और डॉक्टर उसका बयान दर्ज नहीं कर पाए। मौत के बाद जब उसके शव को देखा गया, तो पुलिस भी दंग रह गई। प्रीति के हाथों और पैरों पर मेहंदी से लिखे शब्द साफ चमक रहे थे। इसमें उसने अपने ससुराल वालों और कथित प्रताड़ना का पूरा कच्चा-चिट्ठा लिख दिया था। अब यही मेहंदी वाला सुसाइड नोट पुलिस के लिए सबसे अहम सबूत बन गया है। कानून की भाषा में इसे 'डाइंग डिक्लेरेशन' या मृत्यु पूर्व कथन माना जा सकता है। पुलिस का कहना है कि शरीर पर लिखी ये बातें ससुराल पक्ष पर लगे गंभीर आरोपों को पुख्ता कर रही हैं। फिलहाल, चौरई पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। मायके वालों के बयान लिए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा जोर पति के मोबाइल फोन और उनकी डिजिटल हिस्ट्री पर दिया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किस कदर उसे परेशान किया गया था कि एक मां को अपनी बेटी और खुद की जान की परवाह भी नहीं रही। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली अब पूरी तरह से उन सबूतों के इर्द-गिर्द घूम रही है जो प्रीति ने जाते-जाते अपने जिस्म पर उकेरे थे।