तिरंगा लगाने की तैयारी के दौरान 11वीं के छात्र की मौत, 11 KV लाइन से टकराया लोहे का पाइप
Datia news : स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच दतिया जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। तिरंगा फहराने की तैयारी करते हुए एक 16 वर्षीय छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब वह स्कूल की छत पर झंडा लगाने पहुंचा था।
मृतक छात्र की पहचान जोनिया गांव निवासी राज कुशवाह के रूप में हुई है। वह दतिया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में छोटे फुब्बारे के पास स्थित लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था।
कैसे हुआ हादसा
घटना शुक्रवार की है, यानी स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले। स्कूल में दोपहर करीब डेढ़ बजे छुट्टी हो चुकी थी और राज अपने घर लौट गया था। बताया जा रहा है कि वह स्कूल संचालक के मकान में ही किराए पर रहता था।
छुट्टी के बाद स्कूल प्रबंधन ने उसे दोबारा बुलाया और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी के तहत छत पर तिरंगा लगाने भेज दिया। राज लोहे के पाइप की मदद से झंडा लगाने की कोशिश कर रहा था, तभी वह पाइप छत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया।
करंट का झटका लगते ही राज गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। हादसे की खबर फैलते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ मातम छा गया।
अस्पताल पहुंचाया, लेकिन नहीं बच सकी जान
स्कूल प्रबंधन छात्र को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के करीब एक घंटे बाद तक उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई। जब उन्हें पता चला, तब वे अस्पताल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया।
स्कूल संचालक पर लापरवाही का आरोप
परिजनों के मुताबिक स्कूल संचालक नंदकिशोर कुशवाह ने ही छुट्टी के बाद राज को दोबारा बुलाकर छत पर भेजा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते एहतियात बरती जाती और हाईटेंशन लाइन से जुड़े खतरे को पहले ही भांप लिया जाता, तो यह जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि हादसे के पीछे किसकी और कितनी जिम्मेदारी थी।
