MP police viral video : मध्य प्रदेश के रीवा
जिले से कानून व्यवस्था को हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है। मनगवां थाने के तहत आने वाली गंगेव पुलिस चौकी की एक गाड़ी का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सरेआम सरकारी गाड़ी में बैठकर शराब दुकान से बीयर लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना हाल ही की है और वीडियो सामने आते ही रीवा के पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत एक्शन लिया है। एसपी ने इस मामले में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में एक आरक्षक (कॉन्स्टेबल) और गाड़ी के चालक को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। पुलिस की इस हरकत से विभाग की छवि धूमिल हुई है, जिसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
सायरन बजाकर आए और बीयर लेकर चलते बने
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गंगेव चौकी की सरकारी गाड़ी बकायदा सायरन बजाते हुए एक शराब दुकान के सामने आकर रुकती है। गाड़ी के रुकते ही दुकान से एक युवक हाथ में ठंडी बीयर की बोतलें लेकर दौड़ता हुआ आता है। वह गाड़ी की खिड़की से अंदर बैठे पुलिसकर्मी को बीयर सौंपता है। जैसे ही बीयर गाड़ी के अंदर पहुंचती है, वैसे ही सायरन बंद हो जाता है और पुलिसकर्मी वहां से गाड़ी लेकर आगे बढ़ जाते हैं। किसी आम नागरिक ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर शेयर कर दिया, जो अब तेजी से फैल रहा है।
यह तो रोज का काम है
इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में काफी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली बार होने वाली घटना नहीं है। शराब दुकान के आसपास रहने वाले लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस की गाड़ी अक्सर इसी तरह सायरन बजाते हुए आती है। जैसे ही गाड़ी की आवाज सुनाई देती है, सेल्समैन खुद शराब या बीयर लेकर गाड़ी तक पहुंच जाता है। इस तरह सरेआम ड्यूटी के दौरान सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग और पुलिसकर्मियों का यह रवैया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एसपी की सख्त कार्रवाई, जांच अधिकारी नियुक्त
मामला जैसे ही रीवा पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया, विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने तुरंत इसकी प्राथमिक जांच अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) को सौंपी। शुरुआती जांच में वीडियो सही पाया गया और पुलिसकर्मियों की संलिप्तता साबित हुई। इसके तुरंत बाद एसपी ने दोषी आरक्षक और चालक को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। रीवा एसपी ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह की अनुशासनहीनता और अवैध गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया है कि विभागीय जांच अभी जारी है और इस मामले में जो भी अन्य लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।