Lokayukta MP : एमपी में रिश्वतखोरों पर नकेल, जबलपुर और शहडोल में दो अधिकारियों को लोकायुक्त ने पकड़ा
Lokayukta MP : मध्य प्रदेश में सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार, 2 जून 2026 को एक बड़ी सफलता हासिल की। यह घटना तब सामने आई जब जबलपुर के शाहपुरा तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि आम नागरिकों की उन परेशानियों को भी उजागर करती है जो उन्हें सरकारी फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए झेलनी पड़ती हैं।
सादे कपड़ों में पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें घेर लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर टीम ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव और राहुल गजभिए के साथ लोकायुक्त जबलपुर की टीम की अहम भूमिका रही।
शिकायतकर्ता रमेश रजक के अनुसार, उनकी दुकान से जुड़े विवाद का मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि उनके पक्ष में निर्णय करवाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई थी।लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय के बाहर स्थित एक फोटोकॉपी दुकान पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने चाय दुकान संचालक राजेश पाटीदार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के कुछ अधिकारियों की संभावित भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।
सीमांकन के नाम पर खेल
मामले की शुरुआत तब हुई जब उखरी क्षेत्र की संगम कॉलोनी के रहने वाले रोहित जैन ने जमीन खरीदी। नियम के अनुसार, जमीन का सीमांकन करवाना जरूरी था, जिसके लिए वे शाहपुरा तहसील कार्यालय पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी से हुई। फरियादी रोहित ने अपनी शिकायत में स्पष्ट बताया कि काम को अंजाम तक पहुंचाने के बदले राजस्व निरीक्षक ने उनसे 1 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की थी। लंबी बातचीत और मोलभाव के बाद मामला 80 हजार रुपये में तय हुआ। फरियादी ने समय रहते लोकायुक्त कार्यालय में इसकी सूचना दी।लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी
लोकायुक्त टीम ने फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की गोपनीय जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को एक जाल बिछाया गया। फरियादी को तय राशि के साथ रतन कॉलोनी, कटंगा में बुलाया गया। जैसे ही राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी ने नोटों की गड्डी अपने हाथों में ली,
सादे कपड़ों में पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें घेर लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर टीम ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव और राहुल गजभिए के साथ लोकायुक्त जबलपुर की टीम की अहम भूमिका रही। शहडोल में भी सामने आया रिश्वतखोरी का मामला
जबलपुर की कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद शहडोल संभाग के ब्यौहारी तहसील क्षेत्र में भी लोकायुक्त ने एक अन्य कार्रवाई की। रीवा लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
शिकायतकर्ता रमेश रजक के अनुसार, उनकी दुकान से जुड़े विवाद का मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन था। आरोप है कि उनके पक्ष में निर्णय करवाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई थी।लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय के बाहर स्थित एक फोटोकॉपी दुकान पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है। बड़वानी में मानदेय भुगतान से जुड़ा रिश्वत प्रकरण
इसी क्रम में बड़वानी जिले के ठीकरी क्षेत्र में भी लोकायुक्त ने एक अन्य कार्रवाई की। यहां आंगनवाड़ी सहायिका के मानदेय भुगतान से जुड़े मामले में कथित रूप से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने चाय दुकान संचालक राजेश पाटीदार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के कुछ अधिकारियों की संभावित भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।