नाबालिग के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया शादीशुदा शख्स, लोगों ने चप्पलों से पीटा
Crime against women Madhya Pradesh : शिवपुरी में मचे बवाल ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। शहर के माधव चौक चौराहे पर स्थित एक लॉज में जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक शादीशुदा शख्स को जब लोगों ने नाबालिग लड़की के साथ रंगे हाथों पकड़ा, तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वहां मौजूद भीड़ ने न सिर्फ आरोपी की जमकर धुनाई की, बल्कि उसे चप्पलों की माला पहनाकर सड़क पर जुलूस भी निकाला। यह मंजर देखकर हर कोई दंग था कि कैसे सरेआम कानून को हाथ में लिया गया। आरोपी की पहचान अकरम शाह के रूप में हुई है। हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर कोतवाली थाने ले गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग आरोपी को पीटते हुए थाने ले जा रहे हैं। मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस की जांच और पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आईं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आरोपी की अपनी पत्नी निशा बानो सामने आ गई। निशा ने अपने ही पति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उसने बताया कि उसका पति पिछले दो सालों से इस नाबालिग लड़की के संपर्क में था। जब भी निशा ने इसका विरोध किया, उसे बदले में मारपीट और प्रताड़ना ही मिली। निशा का कहना है कि घर वाले भी इस मामले में कम जिम्मेदार नहीं हैं। निशा बानो ने अपनी सास रुखसाना बानो पर भी गंभीर आरोप जड़े हैं। उसका कहना है कि सास को सब पता था और वह न केवल अपने बेटे की गलत हरकतों का समर्थन करती थी, बल्कि उसे पैसे से भी मदद करती थी। निशा ने दावा किया कि अकरम के इरादे बहुत खतरनाक थे। वह न सिर्फ धर्मांतरण की बातें करता था, बल्कि उसने इस लड़की की तरह ही शहर की कई अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसा रखा था। निशा के मुताबिक, आरोपी का कहना था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, उसे पुलिस और कानून का कोई डर नहीं था। इस घटना के बाद से पीड़िता के परिजनों का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शनिवार से ही घर से लापता थी। मां ने उसी दिन देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पहले ही अकरम शाह पर शक जताया था। मां का कहना है कि अकरम पहले भी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जा चुका है। उनका सीधा आरोप है कि अगर देहात पुलिस ने पहली बार में ही सख्त कार्रवाई की होती, तो आज यह नौबत नहीं आती। पुलिस की ढिलाई ने आरोपी के हौसले इतने बढ़ा दिए थे कि वह बेखौफ होकर अपनी हरकतें जारी रखे हुए था।
