- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
- आरोपी पति ने अपनी ही पत्नी का भाई बनकर रतन शर्मा नाम के युवक से उसका कन्यादान कराया।
- शादी के नाम पर पीड़ित दूल्हे के करीब 7 लाख रुपये खर्च करवा दिए गए।
Crime News Hindi : ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के
नाका चंद्रवदनी इलाके में रहने वाले रतन शर्मा के साथ शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और बड़ी लूट की साजिश का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बीती 7 मई को एक गिरोह ने रतन की शादी राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल नाम की महिला से कराई, जिसमें महिला के असली पति अजय चौहान ने खुद को उसका भाई बताकर कन्यादान की रस्म निभाई। शादी के महज 15-20 दिनों के भीतर जब दुल्हन घर के गहने और नकदी समेटकर भागने की फिराक में थी, तभी दूल्हे ने उसके मोबाइल पर संदिग्ध व्हाट्सएप चैट देख ली। इसके बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए लुटेरी दुल्हन और उसके पति समेत गिरोह के 10 शातिर धोखेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह अकेले रहने वाले या शादी के लिए परेशान युवकों को अपना निशाना बनाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देता था।
कैसे बुना गया शादी का यह फर्जी जाल?
निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा काफी समय से अपने लिए योग्य जीवनसाथी की तलाश कर रहे थे। उनके ही पड़ोस में रहने वाले सोनू तिवारी को जब इस बात का पता चला, तो उसने रतन के परिवार की मजबूरी का फायदा उठाने की योजना बनाई। सोनू ने रतन के परिवार से कहा कि मुरैना में रहने वाला उसका दोस्त अजय चौहान अपनी मुंहबोली बहन के लिए एक अच्छे लड़के की तलाश में है। सोनू की बातों पर भरोसा करके रतन का परिवार शादी के लिए तैयार हो गया। दोनों पक्षों की मुलाकात कराई गई और बात आगे बढ़ी। गिरोह ने रतन के परिवार को पूरी तरह अपने विश्वास में ले लिया था, जिससे किसी को भी उनके इरादों पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ।
भाई बनकर मंडप में बैठा असली पति
बीती 7 मई को हिंदू रीति-रिवाज के साथ रतन और राधा की शादी संपन्न हुई। इस शादी को पूरी तरह असली दिखाने के लिए गिरोह ने सारे हथकंडे अपनाए। अजय चौहान, जो वास्तव में राधा का पहला पति था, वह मंडप में उसका भाई बनकर बैठा और उसने खुद अपनी पत्नी का कन्यादान किया। इस पूरी शादी और रस्मों के नाम पर रतन शर्मा के करीब 7 लाख रुपये खर्च करवा दिए गए। शादी के बाद राधा एक आदर्श बहू की तरह रतन के घर आकर रहने लगी।
एक व्हाट्सएप चैट और बिखर गया पूरा प्लान
शादी के शुरुआती दो हफ्तों में राधा ने घर के सभी सदस्यों का भरोसा जीता और लॉकर से लेकर पैसों की हर जगह की रेकी कर ली। वह घर में बड़ी चोरी या लूट को अंजाम देकर भागने की तैयारी में थी। इसी बीच रतन को राधा के व्यवहार में थोड़ा बदलाव नजर आया। राधा दिन-रात फोन पर व्यस्त रहती थी और किसी से छिपकर बातें करती थी। शक होने पर एक दिन रतन ने राधा का मोबाइल उठाकर उसकी व्हाट्सएप चैट खंगाल डाली। चैट पढ़ते ही रतन के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे वह अब तक अपना साला (पत्नी का भाई) समझ रहा था, वह असल में राधा का पहला पति निकला और दोनों मिलकर घर को लूटने की योजना बना रहे थे। रतन ने तुरंत अपने परिवार को इसकी जानकारी दी और बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया।
इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश, 10 आरोपी सलाखों के पीछे
झांसी रोड थाना पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। पुलिस ने लुटेरी दुल्हन राधा, उसके पति अजय चौहान और मास्टरमाइंड सोनू तिवारी सहित गिरोह के कुल 10 लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक संगठित गिरोह है जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय है। यह गिरोह पहले भी कई सीधे-साधे परिवारों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा चुका है। गनीमत यह रही कि रतन की सतर्कता के कारण इस बार वारदात होने से पहले ही गिरोह पकड़ा गया। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।