Cyber Fraud Case : बालाघाट में साइबर अपराध के एक बड़े मामले में पुलिस ने करीब 1800 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से आरोपी को गिरफ्तार कर 2.80 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान साहिल पिता तारीक नज़ार, निवासी दाना मजार, श्रीनगर के रूप में हुई है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब बालाघाट की एक महिला शिक्षिका ने 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 11 राज्यों में फैले 65 बैंक खातों की जांच के बाद आरोपी तक पहुंच बनाई। शेष रकम की रिकवरी के लिए अलग-अलग टीमें अन्य राज्यों में रवाना होने की तैयारी कर रही हैं।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड
पुलिस के अनुसार, घटना करीब एक महीने पुरानी है। बालाघाट की एक महिला शिक्षिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घर बैठे पैसे कमाने से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। यहां उसे तथाकथित टास्क जॉब का प्रस्ताव दिया गया। शुरुआत में उसे कुछ रेटिंग संबंधी छोटे-छोटे टास्क दिए गए। इन टास्क को पूरा करने पर महिला के खाते में थोड़ी रकम भी ट्रांसफर की गई। इससे उसका भरोसा बढ़ा और उसे लगा कि यह एक वैध ऑनलाइन कमाई का माध्यम है। इसके बाद ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देते हुए बड़े टास्क ऑफर किए। इसके लिए प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर रकम जमा कराने को कहा गया। महिला को भरोसा दिलाया गया कि यह राशि बाद में लौटा दी जाएगी। विश्वास में आकर महिला ने अलग-अलग समय पर पैसे ट्रांसफर किए। धीरे-धीरे यह रकम करीब 20 लाख रुपये तक पहुंच गई। जब उसे कोई रिटर्न नहीं मिला और संपर्क टूट गया, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर नोडल शाखा और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
11 राज्यों में फैले नेटवर्क की परतें खुलीं
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि पीड़िता द्वारा भेजी गई रकम अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इन खातों की परत-दर-परत जांच की गई। पुलिस ने कुल 65 बैंक खातों का विश्लेषण किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इन खातों के जरिए लगभग 20 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। खातों की गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद पुलिस को श्रीनगर के दाना मजार इलाके से जुड़े इनपुट मिले। जांच के दौरान पुलिस टीम हरियाणा, राजस्थान, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर समेत कुल 11 राज्यों में पहुंची। ओडिशा में भी एक संदिग्ध के संबंध में दबिश दी गई, लेकिन वहां से कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम श्रीनगर पहुंची।
श्रीनगर से गिरफ्तारी और 2.80 लाख की बरामदगी
लगातार निगरानी और बैंकिंग ट्रेल के विश्लेषण के बाद पुलिस ने श्रीनगर में साहिल को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसकी भूमिका की पुष्टि हुई। उसके पास से 2.80 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह राशि ठगी की रकम का हिस्सा है। शेष रकम की पहचान और रिकवरी के लिए अन्य खातों और संभावित आरोपियों की जांच जारी है। पुलिस टीम जल्द ही विभिन्न राज्यों में फिर से दबिश देने की तैयारी में है।
पीड़िता ने जताया आभार
2.80 लाख रुपये की रिकवरी के बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा और जांच टीम का आभार व्यक्त किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग अक्सर सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों को आसान कमाई का झांसा देते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और प्रोसेसिंग फीस या एडवांस भुगतान मांगने वाले ऑफर से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराएं।