धान खरीदी के कमीशन में मांगी थी 1 लाख की रिश्वत, बैंक का CEO ही निकला भ्रष्ट, रंगे हाथों गिरफ्तार
मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामले में लोकायुक्त पुलिस रीवा संभाग ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित सतना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी CEO कृष्ण चंद्र शर्मा उर्फ के.सी. शर्मा को कथित तौर पर 96 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामला धान खरीदी के कमीशन से जुड़ा बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक के अंतर्गत आने वाली समितियों में खरीदे गए धान के कमीशन के एवज में पहले 1 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची, सत्यापन हुआ और इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई 19 अगस्त 2026 को सतना के प्रेम नगर स्थित एक किराए के मकान में की गई। लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को शिकायतकर्ता से तय रिश्वत राशि लेते समय पकड़ लिया।
धान खरीदी का कमीशन बना रिश्वत का मामला
लोकायुक्त से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता सिद्धार्थ ओझा, रीवा जिले के ग्राम अमरैया के निवासी हैं और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सतना के अंतर्गत नागौद शाखा में समिति प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।
उनके कार्य क्षेत्र में पटवारा, रीछुल और दुरेहा समितियां शामिल बताई गई हैं। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान इन समितियों के माध्यम से करीब 32,300 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।
धान खरीदी के बाद मिलने वाले कमीशन के संबंध में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सतना के CEO के.सी. शर्मा ने इस काम के बदले 1 लाख रुपये मांगे। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त के पास पहुंच गया। इसके बाद मामला सामान्य शिकायत से आगे बढ़कर ट्रैप कार्रवाई तक पहुंचा।
शिकायत के बाद लोकायुक्त ने कराया सत्यापन
रिश्वत से जुड़े मामलों में लोकायुक्त आमतौर पर शिकायत मिलने के बाद पहले उसके तथ्यों का सत्यापन करती है। इस मामले में भी शिकायत मिलने के बाद रीवा लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत राशि लेने की बात सामने आई।
बाद में कथित तौर पर 3 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रकम तय हुई। इस गणना के आधार पर रिश्वत की राशि 96 हजार रुपये बनी।
यानी 1 लाख रुपये की कथित मांग के बाद सौदे की रकम 96 हजार रुपये पर तय हुई और इसी राशि के साथ लोकायुक्त टीम ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
प्रेम नगर में बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा
सत्यापन पूरा होने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने सतना में ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की। 19 अगस्त 2026 को टीम ने प्रेम नगर इलाके में जाल बिछाया।
निरीक्षक नरेश बेहरा और निरीक्षक एस.आर. मरावी के नेतृत्व में गठित ट्रैप टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची।
आरोप है कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय की गई 96 हजार रुपये की रिश्वत राशि आरोपी के.सी. शर्मा को दी और उन्होंने रकम ली, लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
आरोपी की उम्र 58 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
आखिर 3 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कैसे बनी 96 हजार की रकम?
इस मामले की एक अहम बात रिश्वत राशि का गणित भी है। शिकायतकर्ता के कार्य क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 32,300 क्विंटल धान खरीदी होने की जानकारी सामने आई है।
यदि 3 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गणना करें तो राशि करीब 96,900 रुपये बनती है। लोकायुक्त कार्रवाई में 96 हजार रुपये की रिश्वत राशि तय होने और आरोपी को इसी राशि के साथ पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।
ऐसे मामलों में अंतिम जांच और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर आरोपों और परिस्थितियों की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट होती है। फिलहाल आरोपी को लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के आधार पर रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया है।
