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भोपाल से इंदौर तक मौसम का डबल गेम: दिनभर धूप, शाम ढलते ही बरसेंगे बादल, जानें IMD का ताजा अलर्ट

Monsoon 2026 : मध्य प्रदेश में मानसून अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन बादलों की आवाजाही और स्थानीय बारिश जारी है। आज कई इलाकों में बौछारें, गरज-चमक और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
Monsoon 2026

Mp Big News,Monsoon 2026 : मध्य प्रदेश में मौसम इन दिनों जैसे दो चेहरे दिखा रहा है। सुबह से दोपहर तक तेज धूप निकलती है, गर्मी और उमस लोगों को परेशान करती है। लेकिन जैसे ही शाम होती है, आसमान का रंग बदल जाता है। हल्की फुहारों से शुरू होकर बारिश तेज हो जाती है और मौसम ठंडा पड़ जाता है।

बुधवार को भोपाल और आसपास के इलाकों में यही नजारा देखने को मिला। दिनभर तीखी धूप के बाद शाम को अचानक बारिश शुरू हुई, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली। मानसून की यह आंख-मिचौली अभी कुछ और दिन जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए हल्की बारिश की संभावना जताई है। साथ ही महीने के अंत तक एक और सिस्टम सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के मौसम का पूरा हाल।

पिछले 24 घंटों में कहां हुई बारिश

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते एक दिन में नर्मदापुरम, चंबल और जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा हुई। बाकी हिस्सों में मौसम सूखा बना रहा।

इन जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में अगले 24 घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि किसी भी जिले के लिए तेज बारिश या भारी अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

20 सितंबर के बाद शुरू होगी मानसून की विदाई

मौसम विभाग के मुताबिक इस सप्ताह के अंत यानी 19-20 सितंबर से प्रदेश में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। लेकिन इससे पहले महीने के आखिरी हफ्ते में यानी 22-23 सितंबर के आसपास एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश लौट सकती है।

प्रदेश में अब तक कोटे की 88.7 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। अरब सागर और सौराष्ट्र क्षेत्र में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण कई इलाकों में बादल और बारिश की स्थिति बना सकता है।

इसके अलावा उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण 18 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर तक पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।

तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ। कुछ संभागों में तापमान सामान्य से कम रहा, तो कुछ जगहों पर यह सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज किया गया।

अब भी औसत से 7 प्रतिशत कम बारिश

इस सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 33.07 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। 1 जून से 16 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसत की तुलना में 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी 2 प्रतिशत रही, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 11 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

मानसून का अंतिम दौर का पूरा अपडेट

मध्य प्रदेश में फिलहाल मानसून का अंतिम दौर चल रहा है, लेकिन बारिश ने पूरी तरह विदाई नहीं ली है। आज और अगले कुछ दिनों में कई इलाकों में बादल, गरज-चमक और स्थानीय बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारी बारिश के व्यापक अलर्ट और स्थानीय थंडरस्टॉर्म चेतावनी को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। IMD के मौजूदा अपडेट में मध्य प्रदेश के दोनों उपखंडों के लिए 20 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली की चेतावनी है, जबकि 21-22 सितंबर के लिए वहां ऐसी चेतावनी नहीं है।