Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

नरसिंहपुर में संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर ED रेड खत्म, जानिए जांच में अब तक क्या सामने आया

Narsinghpur ED Raid

Narsinghpur ED Raid : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में पूर्व कांग्रेस विधायक और कारोबारी संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अब खत्म हो गई है। बुधवार सुबह शुरू हुई इस जांच के बाद गुरुवार तड़के तक दस्तावेज, कारोबारी रिकॉर्ड और दूसरे संभावित साक्ष्यों की पड़ताल की गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जांच टीम करीब 22 घंटे तक कार्रवाई में जुटी रही।

इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि ED की जांच को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI के टोल प्लाजा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जांच में अंतिम तौर पर क्या निष्कर्ष निकला है या आगे किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

तेंदूखेड़ा से शुरू हुई थी ED की जांच

बुधवार सुबह दिल्ली से पहुंची ED की टीम ने तेंदूखेड़ा स्थित हाईवे कार्यालय में जांच शुरू की। इसके अलावा संजय शर्मा से जुड़े बताए जा रहे तेंदूखेड़ा और देवरी के अन्य परिसरों में भी रिकॉर्ड खंगाले गए। कुछ रिपोर्टों में संजय शर्मा के करीबी कारोबारी रामलाल झारिया से जुड़े परिसर में भी जांच की जानकारी सामने आई।

जांच के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों, कारोबारी रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की पड़ताल की। ED की कार्रवाई PMLA के तहत की गई सर्च से जुड़ी बताई जा रही है। ताजा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी इस मामले से जुड़े परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। कुल 14 परिसरों में सर्च की जानकारी सामने आई है।

आखिर किस मामले में हुई ED की कार्रवाई?

मामला NHAI के टोल प्लाजा पर कथित तौर पर गलत तरीके से टोल वसूली और उससे जुड़ी रकम के हिसाब-किताब की जांच से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि कुछ टोल प्लाजा पर आधिकारिक सिस्टम के समानांतर किसी अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से कथित तौर पर ऐसी रसीदें तैयार की गईं, जिनका पूरा रिकॉर्ड NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में नहीं पहुंचा। जांच एजेंसी इस पूरे कथित नेटवर्क में रकम के प्रवाह और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

इसी कड़ी में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर टोल कलेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। संजय शर्मा से जुड़ी कंपनी का इस टोल कलेक्शन से संबंध होने की बात मीडिया रिपोर्टों में कही गई है।

दिन और रातभर चली जांच

ED की टीम ने बुधवार सुबह कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद लंबे समय तक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच चलती रही। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में कार्रवाई करीब 22 घंटे तक चलने और जांच टीम के तड़के लौटने की जानकारी दी गई है। एक रिपोर्ट में टीम के करीब 3 बजे लौटने की बात कही गई है।

आपके दिए स्थानीय स्रोत में जांच गुरुवार सुबह करीब 5 बजे तक चलने की बात कही गई है। इसलिए कार्रवाई के समाप्त होने के समय को लेकर रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है। ऐसे में किसी एक समय को अंतिम आधिकारिक समय मानना उचित नहीं होगा।

रामलाल झारिया ने क्या कहा?

जांच के बाद  वंशिका कंस्ट्रक्शन के मलिक रामलाल झारिया की ओर से भी बयान सामने आया है। उनके अनुसार ED की टीम ने टोल टैक्स से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के सिलसिले में उनके यहां जांच की।

झारिया का दावा है कि टीम ने दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड देखे तथा उन्हें किसी दूसरी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। उन्होंने NHAI के टोल प्लाजा पर कुछ स्थानों पर लेनदेन से जुड़ी कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसी वजह से उनके यहां भी जांच हुई।

14 ठिकानों तक पहुंची कार्रवाई

यह मामला सिर्फ नरसिंहपुर तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ED ने इस जांच के तहत मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में एक साथ 14 परिसरों पर तलाशी ली। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-NCR और कोलकाता जैसे स्थानों का भी रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है।