नरसिंहपुर के गाडरवारा में EOW की दबिश से खुला करोड़ों की संपत्ति का जाल, सेवानिवृत्त अधिकारी के ठिकानों पर देर रात तक छानबीन
गाडरवारा में उस वक्त हलचल मच गई जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की लगभग 15 से 20 सदस्यीय टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश देकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। कार्रवाई का केंद्र बने नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक निरीक्षक योगेंद्र ढिमोले, जिन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं। जबलपुर EOW की इस कार्रवाई ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। शुरुआती जांच में सामने आए संपत्ति के ब्योरे ने जांच एजेंसियों को भी विस्तृत सत्यापन की दिशा में आगे बढ़ने को मजबूर कर दिया है।
देर शाम तक जारी रही जांच, दस्तावेजों की गहन छानबीन
सूत्रों के अनुसार, टीम ने जैसे ही गाडरवारा स्थित MPEB कॉलोनी में योगेंद्र ढिमोले के आवास पर दबिश दी, घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, संपत्ति के कागजात और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई। कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। EOW अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक स्तर पर जांच की गई थी, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि संपत्ति का पैमाना आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक है। इसी आधार पर विस्तृत छापेमारी की योजना बनाई गई।करोड़ों की संपत्ति का प्रारंभिक ब्योरा
प्रारंभिक जांच में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जांच टीम को कई स्थानों पर फैली संपत्तियों और वाहनों की जानकारी मिली है, जिनका अब मूल्यांकन किया जा रहा है।- गाडरवारा में दो मंजिला करोड़ों का बंगला
- लखनादौन में आलीशान मकान
- एक खाली प्लॉट और दो कृषि भूमि
- बेटे के नाम पर एक दुकान
- एक कार और एक महिंद्रा थार
- तीन मोटरसाइकिल
- एक ट्रैक्टर-ट्रॉली
- नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों की जानकारी इन सभी संपत्तियों का सत्यापन अब आय और वैध स्रोतों के साथ मिलान कर किया जा रहा है।
