बालाघाट में सहकारी सोसायटी प्रबंधक के घर EOW की छापेमारी, आय से 400 गुना ज्यादा संपत्ति का दावा
Mp Big News, EOW raid Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के लांजी इलाके में मनेरी सहकारी सोसायटी के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के ठिकानों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, यानी EOW की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई गुरुवार सुबह डीएसपी मनजीत सिंह की अगुवाई में की गई।
शुरुआती जांच में जो जानकारी सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि विलास चौरे के पास उनकी सरकारी आय के मुकाबले करीब 400 गुना ज्यादा संपत्ति मिली है। यही वजह है कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि आखिर यह मामला है क्या, जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया है, और आगे इसमें क्या हो सकता है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
डीएसपी मनजीत सिंह के मुताबिक, विलास चौरे साल 2014 में संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर मनेरी सहकारी सोसायटी में नियुक्त हुए थे। धीरे-धीरे तरक्की करते हुए वे सोसायटी के प्रभारी प्रबंधक के पद तक पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, इन करीब 15 सालों की नौकरी में उनकी कुल आय 20 से 22 लाख रुपये के आसपास ही होती है। लेकिन जांच में जो संपत्ति सामने आई है, वह इस आय से मेल नहीं खाती। यही असमानता आय से अधिक संपत्ति के मामले की बुनियाद बनी है।
14 वाहनों के मालिक निकले विलास चौरे
छापेमारी के दौरान EOW की टीम को पता चला कि विलास चौरे के नाम पर कुल 14 वाहन दर्ज हैं। इनमें 5 बसें, 2 ट्रैक्टर, 4 फोर व्हीलर गाड़ियां और 3 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इन वाहनों की कुल कीमत ही 2 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है। दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा कारोबार उनकी पत्नी के नाम से चल रही "चौरे ट्रेवल्स" के तहत संचालित होता है। इसी ट्रेवल्स एजेंसी की एक बस हैदराबाद के लिए भी चलाई जा रही थी।
जमीन और मकान का भी हुआ खुलासा
वाहनों के अलावा जांच में जमीन-जायदाद का भी बड़ा ब्योरा मिला है। लांजी में विलास चौरे ने करीब 10 लाख रुपये की जमीन खरीदी और उसी जमीन पर लगभग 50 लाख रुपये की लागत से आलीशान मकान बनवाया। इसके अलावा बिसौनी में भी उन्होंने 10 लाख रुपये की एक अलग जमीन खरीदी है।
बैंक खातों को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पति-पत्नी के नाम से तीन अलग-अलग बैंकों में खाते मिले हैं, वहीं ट्रेवल्स कारोबार से जुड़ा एक अलग बैंक खाता भी है। जांच टीम ने इस चौथे खाते को सील कर दिया है।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति की एक शिकायत मिलने के बाद शुरू की गई थी। शिकायत की प्रारंभिक पड़ताल में जब संपत्ति और आय का बड़ा फासला नजर आया, तब EOW ने औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला लिया। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और अभी तक अंतिम रूप से दोष सिद्ध नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक आरोपी को अपना पक्ष रखने और सफाई देने का पूरा मौका मिलेगा।
आगे क्या होगा
EOW अधिकारियों का कहना है कि विलास चौरे की संपत्तियों की गहराई से जांच जारी रहेगी। एजेंसी को आशंका है कि आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप कितने सही साबित होते हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।

