Facebook Friend Request ने तोड़ा 12 साल का रिश्ता, अशोकनगर में कथित प्रेमी संग ससुराल पहुंची पत्नी
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक दोस्ती अब 12 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते के टूटने तक पहुंच गई। मामला फेसबुक की फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई कथित दोस्ती का बताया जा रहा है, जो समय के साथ प्रेम प्रसंग में बदल गई। पति का आरोप है कि पत्नी करीब सात महीने से गुना निवासी एक युवक के संपर्क में थी और बाद में कथित प्रेमी के साथ उसके घर पहुंच गई, जहां जमकर विवाद हुआ।
आरोप है कि इस दौरान ईंट-पत्थर फेंके गए और घर के बाहर खड़ी बाइक को भी नुकसान पहुंचाया गया। हंगामा बढ़ने पर मामला पुलिस तक पहुंच गया। थाने में करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी। आखिर में पति-पत्नी ने आपसी सहमति से अलग होने और कानूनी प्रक्रिया के जरिए तलाक लेने पर सहमति जताई।
यह पूरा मामला अशोकनगर शहर के बिलाल मिल रोड क्षेत्र की एक कॉलोनी का बताया जा रहा है। हालांकि, घटना से जुड़े कई आरोप दोनों पक्षों के बीच विवाद का हिस्सा हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पति दीपक जैन के अनुसार, उनकी शादी कटनी निवासी युवती से 20 जनवरी 2012 को हुई थी। शादी के बाद दोनों कई वर्षों तक साथ रहे। पति का दावा है कि करीब सात महीने पहले पत्नी की फेसबुक के जरिए गुना निवासी एक युवक से दोस्ती हुई।
उनके मुताबिक, यह दोस्ती बाद में कथित प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगे और पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ता चला गया।
सोशल मीडिया आज लोगों को जोड़ने का बड़ा माध्यम है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए पुरानी पहचान दोबारा बनती है और नई दोस्तियां भी होती हैं। लेकिन जब निजी रिश्तों में भरोसे की कमी, संवाद की दूरी और आपसी विवाद पहले से मौजूद हों, तो ऑनलाइन संपर्क भी पारिवारिक तनाव का कारण बन सकता है।
अशोकनगर के इस मामले में भी पति ने सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती को वैवाहिक विवाद की मुख्य वजह बताया है। दूसरी ओर, किसी भी पारिवारिक विवाद में केवल एक पक्ष के आरोपों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता।
मामला उस समय ज्यादा बिगड़ गया, जब पत्नी कथित तौर पर गुना निवासी युवक के साथ अपने ससुराल पहुंची। पति का आरोप है कि वहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। दीपक जैन के अनुसार, विवाद के दौरान घर पर ईंट-पत्थर फेंके गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाहर खड़ी उनकी बाइक को नुकसान पहुंचाया गया।
देखते ही देखते घर का विवाद सड़क तक पहुंच गया और आसपास के लोगों का ध्यान भी इस ओर गया। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद में शामिल लोगों को थाने ले जाया गया। पुलिस थाने पहुंचने के बाद भी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा। दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से पूरे घटनाक्रम को सामने रखते रहे।
थाने में करीब तीन घंटे तक पति-पत्नी और परिवार के लोगों के बीच बातचीत कराई गई। कोशिश यह थी कि किसी तरह विवाद शांत हो और दोनों के बीच समाधान निकल सके।
लेकिन लंबे समय से चले आ रहे मतभेद बातचीत के बाद भी खत्म नहीं हुए। पति-पत्नी के बीच साथ रहने को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
आखिरकार दोनों इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि आगे साथ रहना मुश्किल है। इसके बाद आपसी सहमति से अलग होने और अदालत के माध्यम से तलाक की कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात सामने आई। भारत में आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया कानून के तहत तय नियमों के अनुसार अदालत के माध्यम से पूरी होती है। केवल पारिवारिक या पुलिस स्तर पर हुई बातचीत को कानूनी तलाक नहीं माना जाता। अंतिम निर्णय संबंधित अदालत और लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होता है।
इस मामले में परिवार के अन्य सदस्य भी चर्चा का हिस्सा बने। पति का आरोप है कि पत्नी की मां ने भी अपनी बेटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
पति ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी विवाद के बाद पत्नी घर छोड़कर चली जाती थी। उनके अनुसार, 27 जुलाई को पत्नी के वापस आने के बाद एक बार फिर विवाद शुरू हो गया।
पति ने प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य अहम होते हैं। इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम सच मानने से पहले जांच की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
हर वैवाहिक विवाद की अपनी अलग परिस्थितियां होती हैं। इस मामले में पति ने फेसबुक पर हुई कथित दोस्ती और उसके बाद बने संबंध को शादी टूटने की बड़ी वजह बताया है।
लेकिन किसी रिश्ते के टूटने के पीछे अक्सर केवल एक घटना नहीं होती। लंबे समय से चल रहे मतभेद, आपसी भरोसे की कमी, संवाद खत्म होना और पारिवारिक तनाव जैसी कई परिस्थितियां भी रिश्ते को प्रभावित कर सकती हैं।
अशोकनगर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा करती है कि सोशल मीडिया के दौर में व्यक्तिगत रिश्तों में पारदर्शिता और संवाद कितना जरूरी है। ऑनलाइन दोस्ती अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन जब उससे जुड़े हालात परिवार और रिश्तों में विवाद पैदा करें, तो समय रहते बातचीत और कानूनी या पारिवारिक सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
