Farmer ID गांव-गांव, WhatsApp से खाद बुकिंग और युवाओं के लिए नई योजना
Mohan Yadav Cabinet: भोपाल से आज एक ऐसी खबर आई है जो मध्यप्रदेश के हर वर्ग को छूती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, किसान कल्याण और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने इन तमाम योजनाओं के लिए कुल 10,630 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यानी बात सिर्फ कागजी फैसलों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले बदलाव की है।
बैठक की जानकारी किसने दी
बैठक खत्म होते ही लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह मीडिया के सामने आए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की निवेश बढ़ाने वाली नीति अब असर दिखाने लगी है। पिछले दो महीनों में पीथमपुर और ग्वालियर में औद्योगिक निवेश से जुड़े कई बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। यानी प्रदेश में उद्योगों को लेकर माहौल बदल रहा है और इसका फायदा आने वाले समय में रोजगार के रूप में दिखेगा।
बारिश से परेशान किसानों की चिंता भी हुई शामिल
कैबिनेट की मेज पर एक और गंभीर मुद्दा था, वो था अतिवृष्टि और कम बारिश की मार झेल रहे इलाकों का। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में जहां बारिश ज्यादा या कम हुई है, वहां अफसर पहले से तैयारी रखें। मकसद सीधा है, किसान को समय पर मदद मिले, बाद में नहीं।
अब गांव-गांव जाकर बनेगी किसान आईडी
किसानों की जिंदगी थोड़ी आसान बनाने के लिए सरकार ने फार्मर आईडी अभियान को रफ्तार देने का फैसला किया है। इसके लिए सरकारी टीमें अब दफ्तर में बैठने के बजाय सीधे गांव जाकर किसानों की आईडी बनाएंगी।
खाद खरीदने की प्रक्रिया को भी आसान किया जा रहा है। ई-विकास-2 सिस्टम के तहत अब किसान बिना पंजीयन के भी एक बार उर्वरक खरीद सकेंगे। इतना ही नहीं, व्हाट्सऐप के जरिए खाद बुक करने की सुविधा भी जल्द शुरू होगी। गांव के किसी भी किसान के लिए ये बदलाव लाइन में लगने की झंझट खत्म कर सकता है।
LIVE: लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी#MPCabinetDecisionshttps://t.co/FC677MHuAz
— Jansampark MP (@JansamparkMP) August 25, 2026
जमीन अधिग्रहण में अब मिलेगा चार गुना मुआवजा
भूमि अधिग्रहण को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक, पहले ही मुआवजा दोगुने से बढ़ाकर चार गुना किया जा चुका था। अब अगर जमीन मालिक अपनी सहमति से जमीन देता है, तो उसे कलेक्टर गाइडलाइन दर का चार गुना भुगतान मिलेगा। सरकार का तर्क है कि इससे किसानों और जमीन मालिकों का भरोसा बढ़ेगा और अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
युवाओं के लिए पढ़ाई से नौकरी तक की योजना
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की हाल की रिपोर्ट, "विकसित भारत में कौशल विकास" का हवाला देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। अब ऐसे युवाओं की पहचान की जाएगी जिन्हें पढ़ाई, नौकरी, स्किल ट्रेनिंग या खुद का काम शुरू करने में मदद चाहिए।
इसके लिए एक वर्किंग ग्रुप बनेगा, जिसमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अफसर मिलकर काम करेंगे। सीधी भाषा में कहें तो सरकार चाहती है कि हर युवा के लिए पढ़ाई से लेकर नौकरी तक का एक साफ रास्ता बने।
जमीन अधिग्रहण को लेकर कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है...
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भूमि अधिग्रहण में आपसी सहमति से भूमि क्रय के प्रावधान को मंजूरी दी गई है। अब आपसी सहमति होने पर सरकार चार गुना मुआवजा राशि देकर सीधे भूमि क्रय कर सकेगी, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया में समय की बचत होगी।… pic.twitter.com/mYzksZroOC
उज्जैन के धनवंतरि विश्वविद्यालय को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने उज्जैन के धनवंतरि विश्वविद्यालय में जरूरी पदों को मंजूरी दे दी है। इससे विश्वविद्यालय में पढ़ाई और बाकी गतिविधियां बेहतर तरीके से चल सकेंगी।
सिवनी-बालाघाट हाईवे अब बनेगा फोरलेन
इस बैठक की सबसे बड़ी खबर सिवनी-बालाघाट हाईवे को लेकर है। कैबिनेट ने इस स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। यह सड़क करीब 99.64 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें लगभग 6 किलोमीटर का वन क्षेत्र भी आएगा, जिसे पर्यटन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में अपराध पंजीयन से संबंधित प्रावधानों में संशोधन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
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1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुरानी धाराओं के स्थान पर नई धाराओं के अनुरूप आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को अपराध पंजीबद्ध करने के लिए अधिकृत करने का निर्णय लिया… pic.twitter.com/jWjskM6JOF
इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,458 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का दावा है कि फोरलेन बनने के बाद इस रूट पर सफर का समय दो घंटे से घटकर सिर्फ एक घंटे रह जाएगा। यानी सिवनी और बालाघाट के बीच आना-जाना अब पहले से कहीं आसान होगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 17 साल का लक्ष्य रखा गया है और इसकी वित्तीय मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
12 नई सड़कें एमपीआरडीसी के हवाले
प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 12 नई सड़क परियोजनाओं को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को सौंपने का फैसला लिया गया है। इसके पीछे सोच साफ है, बेहतर सड़कें यानी उद्योग और कारोबार दोनों को रफ्तार।
अब बीएनएस के तहत केस दर्ज कर सकेगा ईओडब्ल्यू
कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू को भारतीय न्याय संहिता के तहत मामले दर्ज करने का अधिकार दे दिया है। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद कानूनी प्रावधान बदल चुके हैं। पहले ईओडब्ल्यू के मामले भारतीय दंड संहिता, 1860 के तहत दर्ज होते थे। अब आगे से बीएनएस के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई होगी।
