कटनी में CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 पर FIR, 82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में रजिस्ट्री का आरोप
Katni CSP Neha Pachisia : कटनी में एक हत्या के मामले की जांच से शुरू हुआ विवाद अब जमीन सौदे और पुलिस अफसर की भूमिका तक पहुंच गया है। कुठला थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। विभागीय जांच के बाद पुलिस ने नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
FIR में नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के नाम शामिल हैं। आरोप धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, पद के कथित दुरुपयोग और आपराधिक मामले में आरोपी को लाभ पहुंचाने से जुड़े हैं। कटनी एसपी अभिनव विश्वकर्मा ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है।
सबसे अहम बात यह है कि पूरा विवाद कन्हवारा गांव की उस जमीन को लेकर है, जिसकी सरकारी गाइडलाइन वैल्यू करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई है। जांच और शिकायत में आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री महज 18.20 लाख रुपये में कराई गई। हालांकि, जमीन के वास्तविक सौदे और भुगतान को लेकर शिकायतकर्ता की ओर से अलग दावा किया गया है।
हत्याकांड से शुरू हुई कहानी
मामले की जड़ कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुई एक युवक की हत्या से जुड़ी है। इस प्रकरण में रमेश लोधी के परिवार से जुड़े लोगों पर आरोप लगे और जांच के दौरान जमीन का मामला सामने आया।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि आपराधिक प्रकरण के दौरान रमेश लोधी पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया। उनका दावा है कि इसी दबाव के बीच खसरा नंबर 2618/1 की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के नाम कराई गई।
यहां एक और महत्वपूर्ण बात सामने आती है। शिकायत में जमीन का सौदा करीब 1.07 करोड़ रुपये में तय होने का दावा किया गया है, जबकि रजिस्ट्री के समय दस्तावेजों में 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद यानी कुल 18.20 लाख रुपये का भुगतान दर्ज होने की बात कही गई है। बाकी रकम को लेकर भी शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि अदालत में होना अभी बाकी है। FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही आरोपों की वास्तविक स्थिति साफ होगी।
82 लाख की जमीन और 18.20 लाख की रजिस्ट्री पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जमीन की कीमत और रजिस्ट्री रकम को लेकर हो रही है। जांच रिपोर्ट में जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत 82 लाख 86 हजार रुपये से अधिक बताई गई है। वहीं रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में 15 लाख रुपये का चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दिए जाने का उल्लेख सामने आया है।
यानी दस्तावेजी भुगतान और सरकारी गाइडलाइन वैल्यू के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसी अंतर ने जांच को गंभीर बना दिया।
शिकायतकर्ता पक्ष का दावा इससे भी आगे जाता है। उसका कहना है कि जमीन का वास्तविक सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपये के आसपास था और बड़ी रकम का भुगतान नहीं हुआ। अब पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम होगा कि जमीन की वास्तविक डील कितनी रकम में हुई थी, किसने कितनी रकम दी और भुगतान का पूरा स्रोत क्या था।
बैंक खातों के लेन-देन ने बढ़ाए सवाल
जांच के दौरान बैंक खातों की जानकारी भी खंगाली गई। रिपोर्ट के अनुसार, रजिस्ट्री वाले दिन मारूफ अहमद हनफी के खाते में 15 लाख रुपये पहुंचे थे। जांच में इन पैसों के स्रोत को क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़े खातों से जोड़ा गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते और 5 लाख रुपये क्षितिज राज से जुड़े खाते से आने की बात सामने आई। जांच में इन खातों के PAN संबंधी विवरण को भी देखा गया।
यही वित्तीय लेन-देन अब मामले की जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटेगी कि जमीन खरीदने के लिए पैसा किसके पास था, किस खाते से आया और आखिरकार भुगतान किसके हित में किया गया।
IG स्तर से कराई गई थी जांच
शिकायत सामने आने के बाद मामला स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। जबलपुर रेंज के IG प्रमोद कुमार वर्मा ने जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और IPS अधिकारी अनु बेनीवाल को दी थी।
जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान लिए गए और जमीन की रजिस्ट्री, बैंक लेन-देन तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। अगस्त की शुरुआत में नेहा पच्चीसिया भी जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद अब कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
घूसखोरी में फंसी महिला CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ FIR दर्ज: कटनी जिले में पदस्थ रहते नेहा पर ट्रांसपोर्टर से अवैध उगाही करने और हत्या के मामले में आरोपियों को बचाने पर करोड़ों की जमीन का सौदा करने के आरोप लगे. जिसके बाद PHQ ने जांच बैठाई और अब मामला भी दर्ज किया गया…! pic.twitter.com/qnTt9WjmLw
— Rupesh Mishra (@rupeshmishramp) August 20, 2026
CSP नेहा पच्चीसिया पहले भी जांच के घेरे में
यह पहली बार नहीं है जब कटनी CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़ा मामला विभागीय जांच तक पहुंचा है। इससे पहले एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने वाहन छोड़ने के बदले 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। उस मामले में भी जांच शुरू हुई थी। विभागीय कार्रवाई के तहत उनके ड्राइवर को निलंबित किए जाने और CSP से कुछ थानों का प्रभार वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र के हत्या मामले में निर्धारित समय में चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने से जुड़े सवाल भी जांच के दायरे में आए थे। इसी पृष्ठभूमि में जमीन सौदे की शिकायत ने मामले को और गंभीर बना दिया।
भारतीय न्याय संहिता की किन धाराओं में मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह मामला भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। इनमें आपराधिक साजिश, लोक सेवक द्वारा कानून की अनदेखी और चोट पहुंचाने की मंशा, जबरन वसूली से जुड़े प्रावधान और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। 18 अगस्त को जबलपुर जोन कार्यालय से कटनी एसपी को इस प्रकरण को दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे
हाईकोर्ट से भी जुड़ा रहा प्रशासनिक विवाद
नेहा पच्चीसिया के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र को लेकर भी मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। उन्होंने पुलिस अधीक्षक की ओर से अधिकार क्षेत्र और थानों का प्रभार वापस लिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।
अगस्त में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक के प्रशासनिक फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट के सामने हत्या मामले में चालान में देरी और अन्य शिकायतों का संदर्भ भी रखा गया था।
