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आसमान से बरस रही आग: दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 94 भारत के, सिर्फ पारा नहीं अब उमस भी छुड़ा रही पसीने


Hottest City in India Today : भारत में इस साल गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मई के इस महीने में देश का एक बड़ा हिस्सा भीषण लू की चपेट में है, जहां तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार समस्या सिर्फ बढ़ते पारे की नहीं है, बल्कि अनियंत्रित शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और हवा में बढ़ती भारी उमस ने मिलकर इस हीटवेव को इंसानी शरीर के लिए पहले से कहीं अधिक असहनीय बना दिया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 28 मई तक गंभीर लू (Severe Heatwave) का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों को 27 मई तक इस भीषण तपिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

दुनिया के नक्शे पर सबसे ज्यादा तप रहा है भारत

ग्लोबल वेदर मॉनिटरिंग वेबसाइट्स के ताजा आंकड़ों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। शाम के छह बजे जब तापमान में गिरावट दर्ज होनी चाहिए, तब दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों की सूची में से 94 शहर अकेले भारत के दर्ज किए गए। विदर्भ का ब्रह्मपुरी इलाका इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, जहां पारा 47.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके ठीक बाद वर्धा में 47 डिग्री, मध्य प्रदेश के नौगांव में 46.5 डिग्री और उत्तर प्रदेश के बांदा व खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को आंशिक राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम विभाग ने शनिवार से 25 मई तक के लिए फिर से लू का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।

साल 2026 में देश के 10 सबसे गर्म शहर और उनका तापमान

इस सीजन में देश के अलग-अलग राज्यों में तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय सबसे भीषण गर्मी झेल रहा है, जहां तापमान 47 से 49 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इसके बाद राजस्थान का फलोदी 46 से 47 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर है। आसमान से बरस रही आग: दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 94 भारत के, सिर्फ पारा नहीं अब उमस भी छुड़ा रही पसीने देश की राजधानी दिल्ली के मुंगेशपुर और नरेला इलाकों में पारा 45 से 46 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। हरियाणा का सिरसा भी 44 से 45 डिग्री की तपन झेल रहा है। वहीं महाराष्ट्र का नागपुर 43 से 44 डिग्री, उत्तर प्रदेश का झांसी और झारखंड का डाल्टनगंज 42 से 43 डिग्री सेल्सियस पर तप रहे हैं। मध्य प्रदेश का खजुराहो, हरियाणा का रोहतक और छत्तीसगढ़ का बिलासपुर भी 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ इस लिस्ट में शामिल हैं।

2015 के बाद आखिर क्यों ज्यादा जानलेवा हुई गर्मी?

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि साल 2015 के बाद से भारत में गर्मी का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। इसका सबसे बड़ा कारण हवा में बढ़ती नमी यानी ह्यूमिडिटी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2015 से 2019 के बीच भारत में औसत नमी 67.1% दर्ज की गई थी, जो साल 2020 से 2024 के बीच बढ़कर 71.2% हो गई है। अकेले दिल्ली में इस दौरान नमी के स्तर में 8% का बड़ा इजाफा देखा गया है। जब तापमान के साथ नमी बढ़ती है, तो शरीर से पसीना नहीं सूखता और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में अब गर्मी पहले से कहीं ज्यादा घातक महसूस हो रही है।

'हॉट-ह्यूमिड डेज' का बढ़ता ग्राफ

चिकित्सकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने देश में बढ़ते 'कंपाउंड हॉट-हामिड डे' यानी अत्यधिक गर्मी और उमस के एक साथ वाले दिनों पर चिंता जताई है। साल 2020 से 2024 के बीच ऐसे दिनों की संख्या तेजी से बढ़कर 16,970 हो गई है। उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इन दिनों की संख्या में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। https://www.youtube.com/watch?v=K4IjOux5Lhw जब रातें भी गर्म होने लगती हैं, तो इंसानी शरीर को रिकवर होने का समय नहीं मिलता। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस बेहद कठिन मौसम में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घरों से बाहर निकलने से बचें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस या नींबू पानी का नियमित सेवन करें।