चयनित शिक्षकों के लिए खुशखबरी: अब आपसी सहमति से बदल सकेंगे जिला,जानिए
- स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2026 में म्यूचुअल जिला परिवर्तन की सुविधा दी।
- 10 और 11 अगस्त 2026 को TRC पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
- सुविधा का लाभ केवल समान श्रेणी के दो अभ्यर्थियों की आपसी सहमति पर मिलेगा।
MP primary teacher mutual district transfer 2026 : मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2026 के तहत नौकरी पाने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि जिन उम्मीदवारों को पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों से आवंटित जिले में जाकर काम करना मुश्किल लग रहा है, वे अब आपस में जिला बदल सकेंगे। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने आपसी सहमति यानी म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा शुरू की है, और इच्छुक अभ्यर्थी 10 और 11 अगस्त 2026 को TRC पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में प्रदेश भर में हजारों नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों की पदस्थापना प्रक्रिया पूरी हुई है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के नतीजों के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग मिलाकर करीब 13 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों को घर से दूर जिलों में पदस्थापना मिली है, जिससे कई लोगों के सामने व्यावहारिक दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। यही वजह है कि विभाग ने पारस्परिक जिला परिवर्तन का विकल्प देने का निर्णय लिया।
किन शिक्षकों को मिलेगा यह लाभ?
यह सुविधा हर किसी के लिए नहीं है। लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों के अनुसार, केवल वही अभ्यर्थी इसका लाभ उठा सकेंगे जिन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियों, बीमारी या इलाज से जुड़ी परेशानी, या किसी अन्य वाजिब वजह से आवंटित जिले में कार्यभार संभालने में दिक्कत आ रही है। विभाग ने साफ कहा है कि यह सुविधा केवल वास्तविक जरूरतमंद उम्मीदवारों के लिए है, इसलिए हर अभ्यर्थी से अपील की गई है कि वे इसका दुरुपयोग न करें।
कैसे काम करेगी यह प्रक्रिया?
इस पूरी व्यवस्था की सबसे अहम शर्त यह है कि जिला बदलने के इच्छुक दोनों अभ्यर्थी एक ही श्रेणी (कैटेगरी) से होने चाहिए। यानी अगर कोई सामान्य वर्ग का शिक्षक है, तो वह किसी दूसरे सामान्य वर्ग के शिक्षक से ही जिला बदल सकेगा, आरक्षित वर्ग के मामले में भी यही नियम लागू होगा। वे अपने आवंटित ज़िलों और स्कूलों की अदला-बदली के लिए तभी आवेदन कर सकते हैं, जब दोनों पक्ष इसके लिए सहमत हों। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और इसे trc.mponline.gov.in पोर्टल के ज़रिए किया जाएगा; इस पोर्टल का इस्तेमाल पहले से ही इस भर्ती प्रक्रिया के तहत दस्तावेज़ों के सत्यापन और काउंसलिंग के लिए किया जा रहा है।
दूसरे अभ्यर्थियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे
विभाग ने इस फैसले को लेकर एक अहम स्पष्टीकरण भी दिया है। संचालनालय के मुताबिक, म्यूचुअल ट्रांसफर की यह प्रक्रिया किसी भी अन्य उम्मीदवार की मेरिट सूची, चयन क्रम, आरक्षण रोस्टर या कानूनी अधिकारों पर कोई असर नहीं डालेगी। यह पूरी व्यवस्था सिर्फ उन दो अभ्यर्थियों के बीच ही सीमित रहेगी जो आपसी सहमति से आवेदन करते हैं। इससे बाकी शिक्षकों की पदस्थापना यथावत बनी रहेगी और किसी तरह का विवाद पैदा नहीं होगा।
आवेदन करने से नहीं मिलेगी गारंटी, फैसला आयुक्त लेंगे
एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि सिर्फ पोर्टल पर आवेदन कर देने भर से जिला बदलने का अधिकार अपने आप नहीं मिल जाएगा। हर आवेदन की बारीकी से जांच होगी, उसके बाद ही लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अंतिम मंजूरी देंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से तैयार रखें और विभाग द्वारा तय की गई समय-सीमा के भीतर ही आवेदन जमा करें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
