मध्य प्रदेश के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, मैरिज सर्टिफिकेट के बिना भी होगा ट्रांसफर, विभाग ने दी बड़ी राहत
MP Teacher Transfer News : मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने नियमों में नरमी बरतते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब स्वैच्छिक तबादले के लिए अनिवार्य किए गए मैरिज सर्टिफिकेट को लेकर शिक्षकों को परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक के पास मैरिज सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है, तो वे अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। यह पूरा मामला हाल ही में शुरू हुई स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जब ट्रांसफर के लिए आवेदन मांगे थे, तब एक नई शर्त ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी थी। विभाग ने यह नियम लागू किया था कि जो शिक्षक अपने जीवनसाथी के कार्यस्थल के पास तबादला चाहते हैं, उन्हें अपने विवाह का पंजीयन प्रमाण-पत्र यानी मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से देना होगा। इस नियम के आने के बाद प्रदेश भर के शिक्षकों में हड़कंप मच गया था। शिक्षक संगठनों का तर्क था कि राज्य के हजारों शिक्षकों की शादी 15 से 20 साल पहले हुई है। उस दौर में विवाह पंजीयन की व्यवस्था इतनी प्रचलित नहीं थी, जितनी आज है। ऐसे में अचानक से पुराने विवाह का सर्टिफिकेट मांगना कई अनुभवी शिक्षकों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया था। कई शिक्षक तो अंतिम तिथि तक कार्यालयों के चक्कर काटते रहे ताकि किसी तरह प्रमाण-पत्र बनवाया जा सके, लेकिन समय की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। समस्या केवल मैरिज सर्टिफिकेट तक ही सीमित नहीं थी। दिव्यांग श्रेणी के शिक्षकों के लिए भी एक शर्त चुनौतीपूर्ण साबित हो रही थी, जिसमें उनसे एक साल के भीतर बना हुआ दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा था। इन जटिलताओं के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे। जब यह मामला लोक शिक्षण संचालनालय तक पहुंचा, तो प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझा। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए मंगलवार देर रात एक राहत भरा आदेश जारी किया। इस नए निर्देश के तहत, अब शिक्षकों को आवेदन के समय अनिवार्य रूप से मैरिज सर्टिफिकेट अपलोड करने की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके विकल्प के तौर पर शिक्षक अपना समग्र कार्ड, सेवा पुस्तिका का सत्यापित पृष्ठ या फिर कोई भी अन्य सुसंगत सरकारी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं जो उनके वैवाहिक संबंध को प्रमाणित करता हो। विभाग के इस निर्णय से उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो तकनीकी कारणों से ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर होने के कगार पर थे। स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन प्रक्रिया 20 जून से शुरू की गई थी और मंगलवार को इसकी अंतिम तिथि थी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद सरकार द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी करने की समय-सीमा 28 जून से 30 जून के बीच तय की गई है। इस दौरान उन सभी आवेदनों की गहन समीक्षा की जाएगी जो शिक्षकों ने समय रहते विभाग के पोर्टल पर जमा किए हैं।
