इंदौर में 100 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, कान्ह नदी किनारे 50 से ज्यादा दुकानें हटीं
- इंदौर के साउथ तोड़ा में बड़ी अतिक्रमण कार्रवाई हुई।
- करीब दो एकड़ शासकीय जमीन मुक्त कराई गई।
- जमीन का मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
Mp Big News,Indore Latest News : इंदौर में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में कान्ह नदी के किनारे बनी 50 से ज्यादा दुकानों को हटाया गया। प्रशासन के अनुसार, जिस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, उसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
इस कार्रवाई की खास बात सिर्फ जमीन की कीमत नहीं है। प्रशासन के मुताबिक, नदी किनारे बने इन अवैध निर्माणों से कान्ह नदी के प्राकृतिक बहाव में भी रुकावट पैदा हो रही थी। ऐसे में कार्रवाई को सरकारी जमीन बचाने के साथ नदी क्षेत्र को व्यवस्थित करने से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
साउथ तोड़ा में चला अतिक्रमण हटाने का अभियान
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। साउथ तोड़ा में कान्ह नदी के किनारे करीब दो एकड़ शासकीय भूमि पर लंबे समय से दुकानें और अन्य निर्माण होने की जानकारी प्रशासन के सामने थी।
एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार, इस जमीन पर अवैध रूप से दुकानें बनाकर कब्जा किया गया था। कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक दुकानों को हटाया गया। इनमें कुछ स्थानों पर लोहे से जुड़ा छोटा-मोटा काम और कारखाने भी संचालित होने की बात सामने आई। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया और जमीन को अपने कब्जे में लिया।
जमीन के साथ नदी का रास्ता भी साफ
इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू कान्ह नदी का प्राकृतिक बहाव है। प्रशासन के मुताबिक, नदी के किनारे किए गए निर्माणों के कारण पानी के सामान्य प्रवाह में अवरोध पैदा हो रहा था।
नदी के आसपास अनधिकृत निर्माण केवल जमीन के इस्तेमाल का मामला नहीं होता। ऐसे निर्माण जल निकासी और नदी के प्रवाह को भी प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि प्रशासन ने इस कार्रवाई को नदी क्षेत्र के व्यवस्थित विकास से भी जोड़ा है। अतिक्रमण हटने के बाद अब इस इलाके को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा।
अब कान्ह नदी किनारे बदलेगी तस्वीर?
प्रशासन ने संकेत दिया है कि अतिक्रमण हटाने के बाद नदी क्षेत्र को व्यवस्थित और विकसित किया जाएगा। इसके तहत कान्ह नदी के इस हिस्से के सौंदर्यीकरण की दिशा में भी काम किया जाएगा।
अगर प्रस्तावित विकास योजना जमीन पर ठीक तरीके से लागू होती है, तो यहां खुला नदी किनारा, बेहतर व्यवस्था और साफ-सुथरा सार्वजनिक क्षेत्र देखने को मिल सकता है। हालांकि, सौंदर्यीकरण से जुड़े विस्तृत काम, लागत और समयसीमा की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर सख्ती
मध्य प्रदेश में सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। इंदौर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी 2026 में भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े कई आधिकारिक नोटिस उपलब्ध हैं।
इसी व्यापक प्रशासनिक रुख के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंदौर की यह कार्रवाई उसी अभियान की स्थानीय कड़ी के तौर पर सामने आई है।
