Hanuman Ansh song : तंबूरे की एक धुन ने बदल दी सुनील लोधी की किस्मत, सीएम ने खुद बुलाकर दिया सम्मान
Hanuman Ansh song : भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में उस दिन माहौल कुछ अलग ही था। एक युवा गायक तंबूरा थामे बैठा था, आंखों में रोशनी नहीं थी, लेकिन आवाज़ में गजब का सुकून और ताकत थी। नाम है सुनील लोधी, सागर जिले के रहने वाले, और जन्म से ही दृष्टिबाधित। लेकिन इस कमी ने सुनील को कभी रोका नहीं। बल्कि उनकी आवाज़ ने उन्हें फिल्म 'हनुमान अंश' के जरिए पूरे बुंदेलखंड में पहचान दिला दी।
मुख्यमंत्री से हुई खास मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुनील लोधी की यह मुलाकात भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में हुई। सुनील के साथ उनके माता-पिता महेंद्र सिंह लोधी और भाग बाई भी मौजूद थे। संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी और डिजिटल बुंदेली बौछार के सचिन चौधरी सहित सुनील के करीबी साथी भी इस दौरान वहां मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सुनील की प्रतिभा को करीब से सुना और सराहा। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें सही मंच देना सरकार की प्राथमिकता है।
एक लाख रुपये की सम्मान निधि का ऐलान
इस मुलाकात का सबसे बड़ा पल वह था जब मुख्यमंत्री ने सुनील को एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने की घोषणा की। यह रकम सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सुनील की मेहनत और हुनर को मिली एक बड़ी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने यहीं नहीं रुककर सुनील की संगीत शिक्षा को औपचारिक रूप से पूरा कराने में भी सरकारी सहयोग का भरोसा दिलाया। यानी अब सुनील किसी मान्यता प्राप्त संगीत विद्यालय से विधिवत शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
आंखों के इलाज की उम्मीद भी जगी
सुनील जन्म से ही देख नहीं पाते। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी आंखों की रोशनी लौटाने के लिए जरूरी इलाज में भी हरसंभव सरकारी मदद देने का वादा किया। इस भरोसे ने सुनील और उनके परिवार के मन में एक नई उम्मीद जगा दी है। बचपन से संघर्ष कर रहे इस परिवार के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा है।
तंबूरे पर छेड़ी वही मशहूर धुन
मुलाकात के दौरान सुनील ने तंबूरा बजाते हुए वह गीत सुनाया जिसने उन्हें पहचान दिलाई, "मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई"। यह गीत फिल्म 'हनुमान अंश' का हिस्सा है और बुंदेलखंड के लोगों के बीच खासा पसंद किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के कहने पर सुनील ने एक और भजन भी सुनाया, जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से जुड़ा है, "जन्म लए रघुराई, ब्रज में बज रही बधाई"। इस भजन ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
सरकार का फोकस अब टैलेंट सर्च पर
इस मुलाकात के दौरान एक और अहम बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजने के लिए टैलेंट सर्च जैसे कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया। इसका मकसद है कि सुनील जैसे और भी हुनरमंद लोग सामने आ सकें और उन्हें सही समय पर सही मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सुनील के माता-पिता का सम्मान भी किया और परिवार को यकीन दिलाया कि उनकी हर जरूरी सहायता में सरकार साथ खड़ी रहेगी। सुनील लोधी की यह कहानी बताती है कि हुनर के आगे कोई भी शारीरिक चुनौती छोटी पड़ जाती है, बस जरूरत होती है सही मौके और सही सहयोग की।
