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मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट: अगले तीन दिन बिगड़ेगा मौसम, 10-11 अगस्त को सबसे ज्यादा खतरा

मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश के दर्जनों जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की, प्रशासन अलर्ट पर
Madhya Pradesh heavy rain forecast

Madhya Pradesh heavy rain forecast : मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अगस्त से 11 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होगी, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित करीब 25 से ज्यादा जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा असर 10 और 11 अगस्त को पश्चिमी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां अति भारी बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने संबंधित जिलों के प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

सक्रिय हुआ मानसून

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और अरब सागर से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलन से मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही वजह है कि प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में एक साथ बारिश का दौर बना हुआ है। मानसून की यह सक्रियता खेती-किसानी के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इस समय सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को पानी की जरूरत है।

 शुरुआती दौर में तेज बौछारें

शनिवार यानी 9 अगस्त को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े रहने से बचने की सलाह दी गई है।

 मानसून की सबसे ज्यादा सक्रियता

रविवार 10 अगस्त को मानसून प्रदेश में सबसे ज्यादा मेहरबान रहेगा। पश्चिमी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं पूर्वी हिस्से में भी भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तेज बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा। शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है, इसलिए नगर निगम प्रशासन को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

पश्चिमी मध्यप्रदेश में सबसे बड़ा खतरा

सोमवार 11 अगस्त को पश्चिमी मध्यप्रदेश पर बारिश की सबसे तेज मार पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में अति भारी बारिश के साथ आंधी और तेज हवाओं का येलो या ऑरेंज स्तर का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्यप्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की उम्मीद है। रीवा, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, पन्ना और मैहर जैसे जिलों में भी इस दौरान अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है।

किन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

पश्चिमी मध्यप्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, सीहोर, रायसेन और विदिशा में अगले दो दिन तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वी हिस्से के रीवा, सतना और आसपास के जिलों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के लगभग हर संभाग में कहीं न कहीं बारिश दर्ज होने की पूरी संभावना है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक 11 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है, लेकिन मानसून की सामान्य गतिविधियां प्रदेश में अगस्त महीने भर जारी रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर अगले तीन दिन मध्यप्रदेश के लिए भारी बारिश, तेज हवा और गरज-चमक के लिहाज से अहम रहने वाले हैं, और प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है।