मध्यप्रदेश में अगले 48 घंटे भारी, 15 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, जानिए आपके जिले का हाल
Madhya Pradesh Monsoon News : बारिश का मौसम इस बार मध्यप्रदेश में थोड़ा अलग रंग दिखा रहा है। कहीं बादल पूरे दिन डेरा जमाए बैठे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे, तो कहीं कुछ घंटों में ही सड़कों पर पानी भर जा रहा है। अब मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं या खेतों में काम करने वाले किसान हैं, तो मौसम का ताजा हाल जानना जरूरी है।
कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश
भारत मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के मौसम पर असर डाल रहा डीप डिप्रेशन अब पश्चिम और दक्षिण दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इसके कमजोर पड़ने से पहले कई इलाकों में तेज बारिश करा सकता है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, 31 जुलाई और 1 अगस्त को मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 2 और 3 अगस्त को बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, हालांकि गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के आसार हैं।
15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इनमें इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कई जिले शामिल हैं। विभाग ने कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और नदी-नालों के आसपास रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के साथ कई जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में परेशानी आने की संभावना बनी रहेगी।
अब तक औसत से कम बारिश, लेकिन स्थिति बदल सकती है
दिलचस्प बात यह है कि पूरे मानसून सीजन में अब तक मध्यप्रदेश में औसत से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में कुछ इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सबसे ज्यादा बारिश छिंदवाड़ा जिले के हर्रई में दर्ज की गई, जहां 143.4 मिलीमीटर पानी बरसा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो दिनों की बारिश से मानसून के कुल आंकड़ों में सुधार हो सकता है।
हर्रई में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में छिंदवाड़ा जिले के हर्रई में 143.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा बताता है कि कुछ इलाकों में मानसून पूरी ताकत से बरस रहा है, जबकि कुछ जगहों पर बादल तो हैं, लेकिन पानी उतना नहीं गिर रहा जितना उम्मीद थी।
किन जिलों पर सबसे ज्यादा नजर
31 जुलाई की सुबह से 1 अगस्त की सुबह तक अलीराजपुर, झाबुआ, धार और रतलाम में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। वहीं उज्जैन, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, आगर और मंदसौर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैतूल, हरदा, खंडवा, नीमच, गुना, शिवपुरी, मुरैना, बालाघाट, मंडला, पन्ना और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पश्चिमी एमपी पर रहेगा ज्यादा असर
1 अगस्त से 2 अगस्त के बीच झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शहडोल, जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, सतना, रीवा और प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
बारिश कम, लेकिन मौसम रहेगा सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना पहले की तुलना में कम रहेगी। हालांकि पश्चिमी और मध्य मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी मध्यप्रदेश के रीवा, शहडोल, जबलपुर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी।
