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मध्यप्रदेश में झमाझम का दौर जारी: 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह स्कूलों में छुट्टी

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश का रेड और ओरेंज अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनजर कई जगह स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है।
Narsinghpur rainfall

Mp Big News,Narsinghpur rainfall : मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने कुछ जिलों में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया है। 5 सितंबर 2026 को ग्वालियर, शिवपुरी और रायसेन जिले के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के बच्चों को आज स्कूल नहीं जाना होगा। भारी बारिश की वजह से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के मुताबिक ग्वालियर-चंबल और पूर्वी-उत्तरी हिस्सों में इस समय निम्न से मध्यम दर्जे के बादल छाए हुए हैं। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में अगले पांच दिन तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि उत्तर मध्यप्रदेश के ऊपर बना लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों तक इसी इलाके में टिका रहेगा। यही वजह है कि इन जिलों में बारिश की तीव्रता ज्यादा दिख रही है।

निवाड़ी बना सबसे भीगा जिला

पिछले 24 घंटों की बात करें तो निवाड़ी जिले ने सबको पीछे छोड़ दिया। यहां 173 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो इस दौर की सबसे ज्यादा बारिश है। पूरे सीजन की बात करें तो अब तक प्रदेश में औसतन 30.02 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अभी भी 7 प्रतिशत कम है। दिलचस्प बात यह है कि पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश औसत से 3 प्रतिशत ज्यादा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह औसत से 15 प्रतिशत कम है। यानी बारिश का यह असंतुलन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तस्वीर दिखा रहा है।

अगले चार दिन कहां-कहां अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के लिए जिलेवार अलर्ट जारी किया है। शिवपुरी, श्योपुरकलां, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, नीमच, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, मैहर और पांढुर्णा जिले में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

नरसिंहपुर में मानसून की रफ्तार धीमी

नरसिंहपुर जिले की बात करें तो यहां एक जून से 3 सितंबर तक कुल औसत 814.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। सिर्फ बीते 24 घंटे में ही जिले में औसतन 35.6 मिलीमीटर बारिश हुई।

तहसीलवार आंकड़े देखें तो नरसिंहपुर तहसील में 14 मिलीमीटर, गाडरवारा में 50 मिलीमीटर, गोटेगांव में 70 मिलीमीटर, करेली में 26 मिलीमीटर और तेंदूखेड़ा में 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तहसीलदार भू-संसाधन एवं प्रबंधन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 3 सितंबर तक नरसिंहपुर तहसील में 826 मिलीमीटर, गाडरवारा में 792 मिलीमीटर, गोटेगांव में 957 मिलीमीटर, करेली में 750 मिलीमीटर और तेंदूखेड़ा में 749 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।

पिछले साल इसी अवधि में नरसिंहपुर जिले में औसतन 1262.4 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो इस साल के मुकाबले काफी ज्यादा थी। पिछले साल तहसील नरसिंहपुर में 1230 मिलीमीटर, गाडरवारा में 1550 मिलीमीटर, गोटेगांव में 1114 मिलीमीटर, करेली में 1095 मिलीमीटर और तेंदूखेड़ा में 1323 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी।