मध्यप्रदेश में मानसून फिर मेहरबान: 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, डिंडौरी में नर्मदा पुल के ऊपर, स्कूलों में छुट्टी
Madhya Pradesh Weather Today : भोपाल से डिंडौरी तक मध्यप्रदेश एक बार फिर बारिश के तेवर झेल रहा है। 10 अगस्त 2026 की सुबह जिला प्रशासन को राजधानी भोपाल के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी, क्योंकि पिछले 11 घंटों से शहर में लगातार तेज बारिश हो रही थी।
इसी बीच डिंडौरी जिले से आई तस्वीरें और खबरें बता रही हैं कि नर्मदा नदी करीब 35 साल बाद पुल के ऊपर से बहने लगी है, जिसके चलते वहां आंगनवाड़ी केंद्रों में भी एक दिन का अवकाश कर दिया गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुल 21 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, और अगले तीन दिन प्रदेश के लिए भारी साबित हो सकते हैं।
भोपाल में स्कूल बंद, आदेश नर्सरी से 12वीं तक लागू
राजधानी भोपाल में बारिश ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को तत्काल आदेश जारी करना पड़ा। इस आदेश के तहत 10 अगस्त को भोपाल जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी रहेगी। यह अवकाश नर्सरी कक्षा से लेकर 12वीं तक के हर विद्यार्थी पर लागू होता है। खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी स्कूल ही नहीं, बल्कि निजी, अनुदान प्राप्त और MPBSE, CBSE, ICSE समेत सभी बोर्ड से संबद्ध स्कूल भी शामिल हैं। शहर के कई निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही प्रभावित हुई, और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया ताकि बच्चों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिंडौरी में नर्मदा का रौद्र रूप, 35 साल में पहली बार पुल के ऊपर बहाव
डिंडौरी जिले के लिए यह बारिश किसी चेतावनी से कम नहीं रही। यहां नर्मदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जो स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब तीन दशक से ज्यादा समय बाद देखने को मिला है। हालात को भांपते हुए जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेश के मुताबिक इस दिन आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की गतिविधियां नहीं होंगी, हालांकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपने तय समय पर केंद्र में मौजूद रहकर शासकीय कामकाज पूरा करेंगी। जिले की कलेक्टर अंजु पवन भदौरिया ने 9 अगस्त को डिजिटल हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया, जिसमें साफ कहा गया कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। स्कूलों में भी अघोषित रूप से पढ़ाई ठप हो गई है।
जबलपुर में स स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी
जबलपुर में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी कर दिया गया है। जिले भर में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों (12वीं कक्षा तक) को बंद करने के इस फैसले के पीछे दो वजहें हैं। पहली वजह यह है कि प्रशासन को इलाके में हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की आशंका है; और दूसरी वजह यह है कि सावन के पवित्र महीने के दूसरे सोमवार को जबलपुर में होने वाली भव्य 'संस्कार कांवड़ यात्रा' को भी ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।

किन जिलों में कितनी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ का असर साफ दिख रहा है, जिसकी वजह से पूर्वी और मध्य मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला अगले कुछ दिन जारी रह सकता है। रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी को लेकर विभाग ने सबसे सख्त चेतावनी दी है, यहां अति भारी बारिश के साथ झंझावात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। भोपाल, सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, देवास और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है, जिससे यहां जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश भी इस बार बारिश से अछूता नहीं रहेगा। बुरहानपुर, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकला जैसे जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। वहीं प्रदेश के पूर्वी छोर पर सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर प्रदेश के 21 से ज्यादा जिले इस अलर्ट की जद में हैं।
जबलपुर-मंडला बेल्ट में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की आशंका
जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, रीवा और सतना जैसे आसपास के इलाकों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान जताया है। इन इलाकों में पहले से जमीन नम है, इसलिए और बारिश होने पर जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या बढ़ सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद बताई जा रही है, हालांकि लगातार तेज बारिश से खेतों में जलजमाव की चिंता भी बनी हुई है।
मानसून की सक्रियता
फिलहाल मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। IMD के 10 अगस्त के अपडेट के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश और पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा है, जबकि 11 अगस्त को भी बारिश की चेतावनी जारी है।
