Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

मध्यप्रदेश में अगले चार दिन भारी बारिश का दौर, कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए आपके जिले का हाल

मौसम विभाग ने 7 से 11 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। हालांकि पूरे मानसून सीजन में अब भी प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
MP monsoon alert August 2026

MP monsoon alert August 2026 :  मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 अगस्त से अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। सबसे अधिक असर ग्वालियर-चंबल, सागर संभाग और उत्तर-पूर्वी जिलों में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है।

यह पूर्वानुमान शुक्रवार सुबह जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) और कम दबाव के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। लोगों को विशेष रूप से नदी-नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मौसम का मिजाज क्यों बदल रहा है?

पिछले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अलग-अलग रंग दिखा रहा था। कहीं तेज धूप रही तो कहीं बादल छाए रहे। कई जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे उमस बढ़ गई। अब मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त का दूसरा सप्ताह सामान्यतः मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश का समय माना जाता है। यदि आगामी दिनों में पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होती है तो प्रदेश में बारिश की कमी भी कुछ हद तक कम हो सकती है।

अब भी सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश

भारतीय मौसम विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में अभी भी औसत से लगभग 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से लगभग 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में यह कमी करीब 16 प्रतिशत बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान सीधी जिले में लगभग 75 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश की यह कमी खेती पर भी असर डाल रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के पहले पखवाड़े में अच्छी बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा असर 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी चार दिनों में गुना, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सीधी, मऊगंज, भिंड, पन्ना, नीमच और राजगढ़ जैसे जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, झाबुआ, देवास, शाजापुर, मंदसौर, ग्वालियर, दतिया, सतना, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, शहडोल, अनुपपुर और अन्य कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। हवा की गति कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

चार दिनों का मौसम पूर्वानुमान

7 अगस्त से 8 अगस्त के बीच ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना है। अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

8 अगस्त से 9 अगस्त के दौरान राजगढ़, नर्मदापुरम, नीमच, गुना, रीवा, मऊगंज और सागर में भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में भी बारिश जारी रह सकती है।

9 अगस्त से 10 अगस्त तक भिंड, मुरैना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

10 अगस्त से 11 अगस्त के बीच नीमच, पन्ना और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।