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Hindi news today : जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, भाई की मौत के बाद दूसरे भाई ने भी तोड़ा दम, गांव में भारी पुलिस बल तैनात


Hindi news today : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। चैनपुर थाना क्षेत्र के बिलखेड़ गांव में शनिवार शाम को महज डेढ़ एकड़ जमीन के टुकड़े के लिए एक ही परिवार के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस खूनी संघर्ष में धारदार हथियारों, लाठियों और पत्थरों का खुलकर इस्तेमाल हुआ। हमले में गंभीर रूप से घायल 40 वर्षीय अड़ता जमरे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके भाई मुकेश ने रविवार को इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस हिंसक झड़प में मृतक की पत्नी और दो बच्चों सहित नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। सालों पुराने इस पारिवारिक विवाद ने देखते ही देखते दो हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस पूरे खूनी खेल की जड़ करीब 25 साल पुरानी है। पुलिस जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले छोटिया नामक व्यक्ति ने सालों पहले अपनी 30 एकड़ जमीन का बंटवारा अपने दो बेटों, बच्चू और पूसलिया के बीच किया था। यह बंटवारा बाकायदा स्थानीय पंचायत की मौजूदगी में हुआ था। समय बीतने के साथ दोनों भाइयों के चार-चार बेटे हुए और जमीन की हिस्सेदारी छोटी होती गई। विवाद की मुख्य वजह पूसलिया का रवैया था। ग्रामीणों के अनुसार, पूसलिया को बचपन में छोटिया ने जंगल से लाकर पाला-पोसा था और उसे अपने सगे बेटे की तरह जमीन में बराबर का हिस्सा भी दिया था। इसके बावजूद पूसलिया और उसका परिवार इस बंटवारे से खुश नहीं था। वह बच्चू के बेटों से अतिरिक्त डेढ़ एकड़ जमीन की मांग लगातार कर रहा था। इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी कई बार कहासुनी और छोटी-मोटी झड़पें हो चुकी थीं, लेकिन शनिवार को इस जिद ने हिंसक रूप ले लिया। शनिवार की शाम को इसी डेढ़ एकड़ जमीन पर कब्जे की बात को लेकर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। शुरुआत मामूली बहस और गाली-गलौज से हुई, जो देखते ही देखते पथराव में बदल गई। इसके बाद एक पक्ष के लोग घर से तलवार, कुल्हाड़ी और लाठियां निकाल लाए और दूसरे पक्ष पर टूट पड़े। हमले में घायल अर्जुन ने अस्पताल में बताया कि दूसरे पक्ष ने पूरी तैयारी के साथ उन पर जानलेवा हमला किया था। अचानक हुए इस हमले में अड़ता जमरे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई मुकेश की हालत बेहद नाजुक थी। मुकेश को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया जा रहा था, लेकिन खरगोन के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस हमले में महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। घटना की सूचना मिलते ही भीकनगांव के एसडीओपी राकेश आर्य और चैनपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डायल-112 की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। गांव में फैले तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। भीकनगांव एसडीओपी राकेश आर्य ने आधिकारिक बयान में बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुल 10 महिला-पुरुषों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इन सभी पर हत्या (धारा 302), बलवा और जानलेवा हमला करने के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।