IPS Daughter News : भोपाल के सबसे सुरक्षित और
वीआईपी माने जाने वाले चार इमली इलाके में बुधवार एक बेहद दुखद घटना घटी। यहां रहने वाले पुलिस मुख्यालय (PHQ) में नारकोटिक्स विभाग के एआईजी (AIG) और सीनियर आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता उस समय चला जब अधिकारी दोपहर में लंच के लिए अपने घर पहुंचे। बेटी को फंदे पर लटका देख परिजन तुरंत उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका भोपाल के ही एक प्रतिष्ठित स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। हबीबगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस अब मानसिक तनाव और पढ़ाई के दबाव सहित तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
दोपहर में लंच के समय सामने आई घटना
भोपाल का चार इमली इलाका मंत्रियों और सीनियर आईएएस-आईपीएस अधिकारियों का आवासीय क्षेत्र है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एआईजी संजीव कंचन रोजाना की तरह अपने दफ्तर में थे। दोपहर में जब वह खाना खाने के लिए अपने घर पहुंचे, तो बेटी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो दरवाजे को खोला गया। अंदर का नजारा देखकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी फंदे से लटकी हुई थी। आनंद-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस खंगाल रही मोबाइल
हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि पुलिस को इस घटना की सूचना अस्पताल से मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को मृतका के कमरे से कोई भी सुसाइड नोट या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे इस आत्मघाती कदम की वजह साफ हो सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन और उसकी कॉल डिटेल्स (CDR) को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पिछले कुछ दिनों से किन लोगों के संपर्क में थी या किस बात को लेकर परेशान थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है और मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान दर्ज करने के लिए सही समय का इंतजार कर रही है, क्योंकि इस समय पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।