जबलपुर बरगी डैम हादसा: क्या रोकी जा सकती थी 13 सैलानियों की मौत? सामने आई चेतावनी वाली वो सनसनीखेज चिट्ठी
Bargi dam latest news Hindi : मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी डैम में बीती 30 अप्रैल को एक दर्दनाक क्रूज़ हादसा हुआ था, जिसमें 13 पर्यटकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब इस पूरे मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल, हादसे से करीब दो महीने पहले ही बरगी के मैकल रिसॉर्ट के वॉटर स्पोर्ट्स विंग के मैनेजर ने मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के क्षेत्रीय प्रबंधक को एक पत्र लिखकर क्रूज़ की जर्जर हालत के बारे में साफ-साफ आगाह किया था । इस पत्र से यह साफ हो गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों को पहले से पता था कि क्रूज़ पूरी तरह खटारा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद सैलानियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर इसका संचालन जारी रखा गया।
एक्सपर्ट्स ने मजबूती से सिफारिश की थी कि सुरक्षा के लिहाज से इस क्रूज़ के दोनों इंजनों को तुरंत बदल दिया जाना चाहिए। आपको बता दें कि हादसे का शिकार हुआ यह क्रूज़ साल 2006 में बरगी डैम में चलाने के लिए लाया गया था, यानी यह लगभग 20 साल पुराना हो चुका था और अपनी तय समयावधि पूरी कर चुका था।
पहले ही मिल चुका था बड़ा सिग्नल, स्पीड बोट से बचाई गई थी जान
सामने आए इस आधिकारिक पत्र में एक बेहद डरावनी घटना का जिक्र है, जो हादसे से पहले ही बड़े खतरे का अलार्म बजा चुकी थी। मैनेजर ने पत्र में लिखा था कि 14 जनवरी 2025 को जब क्रूज़ पर्यटकों को लेकर राउंड पर निकला था, तभी अचानक उसके दोनों इंजन बीच पानी में पूरी तरह सीज़ हो गए। उस समय तेज हवाएं चल रही थीं और लहरों का दबाव बहुत ज्यादा था। इंजन बंद होने की वजह से क्रूज़ बीच मंझधार में फंस गया और उसमें सवार सैलानियों की जान पर बन आई। उस वक्त क्रूज़ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आपातकालीन स्थिति में स्पीड बोट का सहारा लेना पड़ा था। इस घटना के बाद क्रूज़ के दूसरे इंजन को शुरू करने में भी भारी दिक्कतें आ रही थीं और उसके सेल्फ की गरारी चढ़ जाने की समस्या लगातार बनी हुई थी।एक्सपर्ट्स ने भी कहा था- तुरंत बदल दो इंजन
इस पत्र में केवल रिसॉर्ट मैनेजर की निजी आशंका नहीं थी, बल्कि हैदराबाद की मशहूर कंपनी 'मैसेज हैदराबाद बोट बिल्डर' के आधिकारिक ईमेल का हवाला भी दिया गया था। बोट निर्माण के तकनीकी विशेषज्ञों ने जांच के बाद साफ तौर पर कहा था कि इस क्रूज़ के इंजन काफी पुराने हो चुके हैं और अब इनके स्पेयर पार्ट्स बाजार में मिलना लगभग नामुमकिन है।
एक्सपर्ट्स ने मजबूती से सिफारिश की थी कि सुरक्षा के लिहाज से इस क्रूज़ के दोनों इंजनों को तुरंत बदल दिया जाना चाहिए। आपको बता दें कि हादसे का शिकार हुआ यह क्रूज़ साल 2006 में बरगी डैम में चलाने के लिए लाया गया था, यानी यह लगभग 20 साल पुराना हो चुका था और अपनी तय समयावधि पूरी कर चुका था। 