जबलपुर: उफनती नर्मदा में होमगार्ड जवानों से भरी बोट डूबी, लाइफ जैकेट ने बचाई 15 जिंदगियां
Mp Big News , Jabalpur News : शुक्रवार की दोपहर जबलपुर के ग्वारीघाट में नर्मदा किनारे मौजूद लोगों की सांसें कुछ पल के लिए थम गईं। श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए नदी में गश्त कर रही होमगार्ड की मोटर बोट अचानक बीच धार में डगमगाने लगी और देखते ही देखते पानी में समा गई।
बोट में उस वक्त करीब 15 होमगार्ड जवान सवार थे। हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किनारे खड़े लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही नाव पूरी तरह डूब चुकी थी।
बरगी बांध के गेट खुलने से नर्मदा में आया उफान
दरअसल इस हादसे की जड़ बरगी बांध से जुड़ी है। भारी बारिश के चलते बांध प्रबंधन ने हाल ही में डैम के 13 गेट खोल दिए थे, जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया और बहाव सामान्य से कहीं ज्यादा तेज हो गया। इसी तेज बहाव के बीच होमगार्ड की मोटर बोट नियमित पेट्रोलिंग के लिए नदी में उतारी गई थी। ग्वारीघाट के पास बीच धार में पहुंचते ही अचानक बोट का इंजन बंद हो गया।
इंजन बंद होते ही डगमगाने लगी नाव
इंजन ठप होते ही नाव पर तेज धार का सीधा असर पड़ा। बेकाबू होकर नाव हिचकोले खाने लगी और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। कुछ ही सेकंड में मोटर बोट पूरी तरह डूब गई। नाव में सवार जवान पानी में गिरने और कूदने को मजबूर हो गए। यह नजारा देखकर किनारे पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई।
गौरतलब है कि इस बोट की अधिकारिक क्षमता महज 8 लोगों की बताई जा रही है, जबकि हादसे के वक्त उसमें करीब दोगुने यानी 15 जवान सवार थे। क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
लाइफ जैकेट बनी जान बचाने की सबसे बड़ी वजह
इस पूरे हादसे में जो बात सबसे राहत देने वाली रही, वह यह कि नाव में सवार हर जवान ने सुरक्षा मानकों के मुताबिक लाइफ जैकेट पहन रखी थी। यही जैकेट सभी के लिए जीवनरक्षक साबित हुई और वे पानी की सतह पर तैरते रहे।
बोट को डूबते देख किनारे पर मौजूद स्थानीय नाविकों ने बिना देर किए अपनी नावें नदी में उतार दीं। वे तुरंत घटनास्थल की तरफ बढ़े और एक-एक कर सभी जवानों को अपनी नावों में बैठाकर सुरक्षित किनारे तक लेकर आए। नाविकों की सूझबूझ और फुर्ती की वजह से बड़ा हादसा टल गया और किसी भी जवान की जान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
होमगार्ड कमांडेंट ने दिए जांच के निर्देश, चालक निलंबित
होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि मोटर बोट की अधिकतम क्षमता 8 व्यक्तियों की है, जबकि उसमें करीब 15 जवान सवार थे। क्षमता से अधिक लोगों को नाव में बिठाने के मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत नाव चालक को निलंबित कर दिया गया है। विभाग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि आखिर नियमों के बावजूद तय सीमा से दोगुने जवानों को नाव में क्यों बिठाया गया।
