कटनी जमीन केस: CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 आरोपी, CM मोहन यादव ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Katni News Today : मध्य प्रदेश के कटनी में जमीन खरीद से जुड़ा मामला अब सिर्फ एक विवाद नहीं रह गया है। आरोप इतने गंभीर हैं कि पुलिस की एक वरिष्ठ अधिकारी, CSP नेहा पच्चीसिया, खुद FIR में आरोपी बनाई गई हैं। FIR दर्ज होने के बाद उनके कार्यालय और स्टाफ रूम को सील कर दिया गया है।
मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई और गंभीर जांच के निर्देश दिए हैं। साफ बात यह है कि जब जांच की सुई पुलिस अधिकारी तक पहुंच जाए, तो मामला फाइलों में दबाकर निपटाने वाला नहीं रह जाता।
हालांकि, यह भी उतना ही जरूरी है कि FIR में नाम आने को अंतिम दोष सिद्ध होना न माना जाए। आगे की जांच, दस्तावेज, साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया ही तय करेगी कि आरोप कितने सही साबित होते हैं।
FIR के बाद CSP कार्यालय और स्टाफ रूम सील
कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के बाद पुलिस टीम CSP कार्यालय पहुंची और कार्यालय के साथ स्टाफ रूम को भी सील कर दिया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कार्यालय में मौजूद फाइलें, दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। अब इन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि जमीन सौदे से जुड़े आरोपों में कोई दस्तावेजी कड़ी मिलती है या नहीं। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के बाद हलचल बढ़ना स्वाभाविक है। आखिर मामला बाहर के किसी कारोबारी का नहीं, बल्कि विभाग के भीतर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक पहुंचा है।
करोड़ों की जमीन 18 लाख रुपये में खरीदने का आरोप
CSP नेहा पच्चीसिया पर आरोप है कि करोड़ों रुपये कीमत वाली जमीन कथित तौर पर करीब 18 लाख रुपये में खरीदी गई। इसी जमीन सौदे को लेकर धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप लगाए गए हैं। मामले में कुठला थाना में FIR दर्ज की गई है। नेहा पच्चीसिया के अलावा मारूफ अहमद और क्षितिज राज को भी आरोपी बनाया गया है।
जमीन का कारोबार वैसे भी छोटा-मोटा हिसाब नहीं होता। कीमत, मालिकाना हक, दस्तावेज और भुगतान का रिकॉर्ड हर चीज की अपनी अहमियत होती है। ऐसे में करोड़ों की बताई जा रही जमीन की कम कीमत पर खरीद के आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यही होगा कि जमीन की वास्तविक बाजार कीमत क्या थी, सौदा किन परिस्थितियों में हुआ और दस्तावेजों में दर्ज जानकारी आरोपों से कितना मेल खाती है।करोड़ों की जमीन, कीमत सिर्फ 18 लाख
आरोप है कि CSP नेहा पच्चीसिया ने करोड़ों रुपये की जमीन को महज 18 लाख रुपये में खरीद लिया। अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो सवाल उठता है कि इतनी बड़ी असमानता कैसे मुमकिन हुई और इसके पीछे किसका हाथ था। इसके अलावा कुठला थाना क्षेत्र में सामने आई एक हत्या से जुड़े आपराधिक षड्यंत्र का आरोप भी उन पर लगाया गया है। जांच पूरी होने के बाद गुरुवार को कुठला थाने में यह FIR दर्ज की गई। इस मामले में CSP के साथ-साथ मारूफ अहमद और क्षितिज राज को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने सील किया दफ्तर
FIR दर्ज होते ही शुक्रवार सुबह पुलिस टीम सीधे CSP कार्यालय जा पहुंची। कार्यालय के साथ-साथ स्टाफ रूम को भी सील कर दिया गया। पुलिस को शक है कि दफ्तर में मौजूद दस्तावेज इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में मदद कर सकते हैं। यानी अब कागजों की जांच पर ही तय होगा कि आरोप कितने सच और कितने झूठे हैं।
CM मोहन यादव ने भी लिया संज्ञान
मामला इतना संगीन निकला कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इसमें दखल देना पड़ा। उन्होंने मुख्य सचिव को साफ निर्देश दिए कि CSP को तुरंत निलंबित किया जाए और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच हो। जब मुख्यमंत्री स्तर पर संज्ञान लिया जाए, तो समझ लीजिए मामला सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राज्य की छवि से जुड़ा बन चुका है।
आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर
हैरानी की बात यह है कि शुक्रवार रात तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। CSP समेत बाकी आरोपी अभी सामने नहीं आए हैं। उनके सरकारी बंगले में सिर्फ स्टाफ मौजूद है, खुद CSP का कोई अता-पता नहीं। सवाल यही है कि क्या प्रशासनिक रसूख के आगे कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
और अधिकारियों पर भी लटकी तलवार
इस मामले के बाद रंगनाथ नगर थाना प्रभारी अरुण पाल सिंह, एसआई सौरभ सोनी, साथ ही CSP के रीडर, गनमैन और चालक को भी निलंबित किए जाने की चर्चा तेज है। हालांकि इस पर अभी किसी अधिकारी ने आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। पर्दे के पीछे जो हलचल चल रही है, वह बताती है कि यह मामला अकेले CSP तक सीमित नहीं रहने वाला।
