कुकरू को मिलेगी नई पहचान: अगले महीने से शुरू होगी बस सेवा, CM मोहन यादव ने दी मंजूरी

बैतूल जिले का खूबसूरत हिल स्टेशन कुकरू शनिवार की रात कुछ अलग ही नज़ारों का गवाह बना। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वहां पहुंचे और सीधे आम जनता के बीच जा बैठे। इसे सरकारी भाषा में 'रात्रि चौपाल' कहा जाता है, लेकिन वहां का माहौल किसी बड़े सरकारी कार्यक्रम से उलट बहुत ही सहज और अपनापन भरा था। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी परेशानियां सुनीं और तुरंत समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंच से बिल्कुल साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई पटवारी, थानेदार या अधिकारी किसी ग्रामीण को बेवजह परेशान करता है, तो वे सीधे उन तक अपनी बात पहुंचाएं। यह संदेश सीधे जनता से संवाद करने की उनकी कोशिश को दर्शाता है। चौपाल में ग्रामीणों ने गांव के विकास के लिए कुछ बुनियादी मांगें रखीं। इसमें गांव में हाईस्कूल की व्यवस्था करना, पीने के पानी की समस्या का हल निकालना और एक 20 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाना प्रमुख था। मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों को नोट करवाया और भरोसा दिया कि इन पर काम शुरू हो जाएगा। पीने के पानी की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से तालाब बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बालिका छात्रावास बनाने, जामूखेड़ी मार्ग को दुरुस्त करने और बुंदियाखुर्द पुलिया के निर्माण की भी घोषणा की। कुकरू की सुंदरता और वहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने इसे पर्यटन केंद्र के रूप में और बेहतर ढंग से विकसित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि अगले महीने से यहां ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत हो जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को बहुत सुविधा होगी। खेती-किसानी के विषय पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2026 को पूरे प्रदेश में 'कृषक कल्याण वर्ष' के तौर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे सिर्फ खेती पर ही निर्भर न रहें, बल्कि पशुपालन को भी अपनी आय का जरिया बनाएं। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2070932672172740957 सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत अगर कोई पात्र व्यक्ति 25 गाय या 25 भैंस पालन शुरू करना चाहता है, तो उसे 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता मिल सकती है। इसमें से 10 लाख रुपये सरकार अपनी तरफ से वहन करेगी। कोदो-कुटकी जैसे पारंपरिक फसलों के लिए उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर इनकी खरीदी लगातार जारी रहेगी। रात्रि चौपाल की सबसे खास बात वह नजारा था जब मुख्यमंत्री पूरी तरह से जनता के बीच घुल-मिल गए। वहां के स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने अपने पारंपरिक गीतों और नृत्यों से समां बांध दिया। मुख्यमंत्री ने भी उनके साथ मिलकर 'गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो' भजन गाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग झूम उठे। इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी, जो उस शाम की सबसे भावुक और यादगार तस्वीर बन गई। उन्होंने बच्चों को भी दुलार किया और उनसे खूब बातें कीं।
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी देखने लायक थी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कैसे बकरी पालन, मुर्गी पालन और छोटे उद्योगों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि कई महिलाएं अब 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस जज्बे की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महिलाओं को और बड़े उद्योगों से जोड़ा जाए। उन्होंने लाडली बहना योजना और किसान सम्मान निधि की प्रगति की जानकारी ली और पात्र लोगों का ई-केवाईसी काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी देखने लायक थी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कैसे बकरी पालन, मुर्गी पालन और छोटे उद्योगों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि कई महिलाएं अब 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके इस जज्बे की सराहना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महिलाओं को और बड़े उद्योगों से जोड़ा जाए। उन्होंने लाडली बहना योजना और किसान सम्मान निधि की प्रगति की जानकारी ली और पात्र लोगों का ई-केवाईसी काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।