Ladli Behna Yojana list : मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए एक बार फिर खुशियों भरा संदेश आया है। राज्य की सबसे चर्चित और प्रभावी योजनाओं में शुमार 'लाडली बहना योजना' की अगली किस्त की तारीख तय हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद इस बार ग्वालियर की धरती से प्रदेश की बहनों के खातों में आर्थिक सहायता की राशि भेजेंगे। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उनकी सामाजिक स्थिति में भी सुधार ला रही है।
ग्वालियर से जारी होगी 34वीं किस्त की राशि
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि 13 मार्च 2026 को इस योजना की 34वीं किस्त जारी की जाएगी। इस बार मुख्यमंत्री ग्वालियर जिले के घाटीगांव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहाँ से वे एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की लगभग 1.28 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं और इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री इस दौरान महिलाओं से सीधा संवाद भी करेंगे ताकि वे समझ सकें कि इस राशि का उपयोग महिलाएं अपने और अपने परिवार के उत्थान के लिए कैसे कर रही हैं।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेंगे 1920 करोड़ रुपये
सरकार इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाए रखने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी (DBT) तकनीक का उपयोग करती है। मार्च की इस किस्त के लिए सरकार की ओर से करीब 1920 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बड़ी धनराशि सीधे उन महिलाओं के खातों में जमा होगी जो योजना की शर्तों को पूरा करती हैं। इस आर्थिक मदद का उद्देश्य महिलाओं को छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर न रहने देना और उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना है। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2031984620057809319
पात्रता के नियमों में बदलाव और जरूरी जानकारी
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है। लाडली बहना योजना के डिजिटल सिस्टम को इस तरह अपडेट किया गया है कि पात्रता न रखने वाले नाम अपने आप सूची से बाहर हो जाते हैं। नियमों के मुताबिक, जिन महिलाओं की आयु 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें अब इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि वे वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाती हैं। इसलिए, मार्च की किस्त केवल उन्हीं महिलाओं के पास पहुंचेगी जो निर्धारित आयु सीमा के भीतर हैं और जिनके बैंक खाते आधार से लिंक हैं।
सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल केवल पैसा बांटने तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर अपने संबोधन में कहते हैं कि यह राशि महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक है। पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि इस पैसे का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और छोटे घरेलू व्यवसायों में कर रही हैं। 13 मार्च को होने वाला यह कार्यक्रम इसी सफलता की कहानी को आगे बढ़ाने का एक और माध्यम बनेगा।