देवास में शराब का मामला गरमाया, आबकारी अधिकारी समेत तीन अफसरों पर गिरी गाज, 10 गिरफ्तार, 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त
चंदाना-बिंजाना में संदिग्ध मौतों की जांच के बीच 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। 54 लीटर देशी शराब जब्त की गई, जबकि मौतों का वास्तविक कारण जांच के अधीन है।
Madhya Pradesh News Today : मध्य प्रदेश के देवास जिले में चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई संदिग्ध मौतों के मामले ने अब आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अवैध शराब की बिक्री से जुड़े मामले में जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया समेत तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। वहीं, पुलिस ने अवैध शराब बेचने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार कर करीब 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
हालांकि, इस मामले में एक अहम सवाल अभी बाकी है। गांवों में हुई मौतों का वास्तविक कारण क्या था? उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जहरीली शराब से मौतों की आशंका की जांच की जा रही है। इसलिए जांच के अंतिम नतीजे सामने आने से पहले सभी मौतों को जहरीली शराब से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
बसंती भूरिया समेत तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने 27 अक्टूबर 2026 को देवास की जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और आबकारी उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने तथा निगरानी में लापरवाही बरतने का उल्लेख किया गया है।
निलंबन आदेशों के मुताबिक, अधिकारियों पर अपने क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को रोकने और अधीनस्थ कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप हैं। यह विभागीय कार्रवाई है; संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर आगे की प्रक्रिया अलग से होगी।
10 आरोपी गिरफ्तार, 7.25 लाख रुपये का सामान जब्त
देवास पुलिस ने चंदाना गांव में दो लोगों की मौतों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान अवैध शराब की बिक्री के आरोपों पर कार्रवाई की। पुलिस ने इस मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित तौर पर अवैध शराब की बिक्री से जुड़े लोग शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 54 लीटर देशी शराब, एक कार, 10 मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। मामले में आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस ने जब्त शराब की जांच के लिए उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल भेजने की बात कही है। जांच का उद्देश्य शराब की प्रकृति और मामले से जुड़े दूसरे तथ्यों का पता लगाना है।
कलेक्टर और एसपी के बाद आबकारी विभाग पर भी कार्रवाई
इस मामले के बीच देवास के तत्कालीन कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत का भी तबादला किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, नेहा मीना को देवास का नया कलेक्टर और आदित्य मिश्रा को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, राकेश कुमार कुर्मी को नया जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है। वह निलंबित बसंती भूरिया की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। मामले की जांच के लिए उज्जैन संभाग स्तर पर पांच सदस्यीय दल गठित किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी। इस दल को मौतों के कारणों, घटनाओं की परिस्थितियों और उनसे जुड़े तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं की जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है।
