रिश्वत पर लोकायुक्त की सख्त चोट: रिटायरमेंट से एक दिन पहले रिश्वत लेते पकड़ा गया इंजीनियर, तीन जिलों में बड़ी कार्रवाई
MP Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में 30 जुलाई को लोकायुक्त ने रिश्वतखोरी के मामलों में एक के बाद एक कार्रवाई करते हुए ग्वालियर, नरसिंहपुर और दमोह में तीन अलग-अलग मामलों में आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। सबसे ज्यादा चर्चा ग्वालियर की रही, जहां एक कार्यपालन यंत्री रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हो गए।
दूसरी ओर नरसिंहपुर में तहसील कार्यालय में कार्रवाई के दौरान एक निजी कर्मचारी पकड़ा गया, जबकि कार्रवाई की सूचना मिलते ही तहसीलदार कार्यालय छोड़कर चली गईं। वहीं दमोह में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मामले में सहायक सचिव पर कार्रवाई हुई।
रिटायरमेंट से एक दिन पहले फंस गए इंजीनियर साहब
ग्वालियर नगर निगम में पदस्थ कार्यपालन यंत्री सुनील कटारे को लोकायुक्त टीम ने 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार उनके पास 36 लाख रुपये के भुगतान से जुड़ी फाइल थी, जिसके बदले कथित तौर पर एक प्रतिशत कमीशन मांगा गया था।

शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई में सामने आया कि 30,000 रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। बाकी 6,000 रुपये लेते समय लोकायुक्त की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। खास बात यह रही कि उनकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई को होनी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही कार्रवाई हो गई। रिटायरमेंट की तैयारी चल रही थी, लेकिन लोकायुक्त ने पूरा हिसाब बीच में ही रोक दिया।
नरसिंहपुर में बाबू पकड़ाया, तहसीलदार मैडम ऑफिस से ही रफूचक्कर
दूसरा मामला नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील का है। यहां एक निजी कर्मचारी को 3,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता आशीष कौरव ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि एक काम के बदले रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर शिकायतकर्ता को पैसे के साथ भेजा। जैसे ही आरोपी ने रकम ली, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एक और बात चर्चा में रही। बताया गया कि जैसे ही तहसील कार्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई की जानकारी मिली, तहसीलदार कार्यालय से चली गईं। हालांकि इस मामले में उनके खिलाफ किसी कार्रवाई या आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दमोह में सहायक सचिव को पीएम आवास योजना के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा
तीसरा मामला दमोह जिले के जबेरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाई का है। यहां सहायक सचिव राजेश लोधी को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायत के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले 30,000 रुपये की मांग की गई थी।

लोकायुक्त ने शिकायत की जांच के बाद ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को कथित रिश्वत लेते समय गिरफ्तार कर लिया।
