लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 5 हजार रुपये लेते लाइनमैन गिरफ्तार, आटा चक्की कनेक्शन के नाम पर 10 हजार मांगने का आरोप
Lokayukta News : अशोकनगर में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को बिजली कनेक्शन से जुड़ी शिकायत पर लोकायुक्त की कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने अशोकनगर जिले के पिपरई क्षेत्र में पदस्थ बिजली विभाग के लाइनमैन बाबूराम पटेल को कथित तौर पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामला आटा चक्की के लिए विद्युत कनेक्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता श्रीराम वैरागी का आरोप था कि कनेक्शन के काम के बदले उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अशोकनगर जिले के ग्राम कुकररेठा निवासी श्रीराम वैरागी ने अपनी आटा चक्की के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था। कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर उन्हें संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।
इसी दौरान लाइनमैन बाबूराम पटेल पर आरोप लगा कि उसने कनेक्शन दिलाने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने कथित मांग को लेकर ग्वालियर लोकायुक्त से संपर्क किया।शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई और शिकायतकर्ता को तय रकम की पहली किस्त देने के लिए भेजा गया।
5 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता जब 5 हजार रुपये लेकर आरोपी लाइनमैन के पास पहुंचा, तब लोकायुक्त की टीम आसपास मौजूद थी। जैसे ही कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार की गई, टीम ने कार्रवाई करते हुए लाइनमैन को पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम की पहचान के लिए इस्तेमाल किए गए रासायनिक परीक्षण की प्रक्रिया भी की गई। रिपोर्टों में बताया गया है कि हाथ धुलवाने पर आरोपी के हाथों का रंग गुलाबी हुआ। इसके बाद टीम ने रकम जब्त करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
15 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
इस मामले में ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई में करीब 15 सदस्यीय टीम शामिल थी और इसे लोकायुक्त निरीक्षक उपेंद्र दुबे के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम ने कथित रिश्वत की रकम जब्त करने के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
लाइनमैन की गिरफ्तारी के बाद मामले में दस्तावेजी साक्ष्य, कथित रिश्वत की रकम और ट्रैप से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी को केवल गिरफ्तारी के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
उपेंद्र दुबे लोकायुक्त निरीक्षक pic.twitter.com/EM3aGxecqk
— mpbignews (@mpbignews) August 7, 2026
