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Madhya Pradesh bribery case: सेंट्रल बैंक का अधिकारी 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI की बड़ी कार्रवाई


Madhya Pradesh bribery case : शहडोल के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में काम करने वाले सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा को गुरुवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जबलपुर इकाई ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। मामला तब सामने आया जब शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने बैंक से अपने चार नए बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए अनुमति मांगी थी। इस प्रक्रिया को आसान बनाने और स्वीकृत पत्र जारी करने के बदले सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने दीपेंद्र से 10 हजार रुपये की अवैध मांग की थी। लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र ने जबलपुर स्थित सीबीआई कार्यालय का रुख किया। उन्होंने वहां के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी को इस पूरे मामले की जानकारी दी। सीबीआई ने शिकायत की गंभीरता को समझते हुए मामले की गोपनीय जांच शुरू की। सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बैंक अधिकारी वास्तव में अपने पद का गलत इस्तेमाल कर पैसे की मांग कर रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से चार बैंकिंग कियोस्क स्थापित करने के लिए आवेदन किया था। बैंकिंग कियोस्क ऐसे केंद्र होते हैं जहां ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें नकद जमा, निकासी, खाते से जुड़ी सेवाएं और सरकारी योजनाओं का भुगतान जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आवेदन को स्वीकृति देने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के बदले बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने 10 हजार रुपये की मांग की थी। जब आवेदक ने रिश्वत देने के बजाय इसकी जानकारी CBI को दी, तब एजेंसी ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू की। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई।

गुरुद्वारे के पास बिछाया गया जाल

CBI सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता को बैंक के बाहर एक निर्धारित स्थान पर मिलने के लिए बुलाया था। गुरुद्वारे के समीप जैसे ही कथित रिश्वत की राशि स्वीकार की गई, पहले से मौजूद CBI टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एजेंसी ने आरोपी से पूछताछ की और बैंक कार्यालय में स्थित उसके केबिन की तलाशी भी ली। जांच का दायरा केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहा बल्कि उसके आवास से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच शुरू की गई।

ग्वालियर तक पहुंची जांच

CBI अधिकारियों के अनुसार आरोपी मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला है। इसलिए जांच के तहत एक अलग टीम को ग्वालियर स्थित उसके निवास से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए भी भेजा गया है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह मामला केवल एक रिश्वत मांग तक सीमित है या इसके पीछे कोई व्यापक पैटर्न भी मौजूद है। हालांकि फिलहाल जांच एजेंसी ने इस संबंध में कोई अतिरिक्त आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।