मध्य प्रदेश 63 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी का भंडाफोड़, पुलिस ने 17 राज्यों में घूमकर पकड़े 12 शातिर
Cyber Fraud Madhya Pradesh : देवास पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। शहर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश हुआ है, और वो भी पूरे 63 लाख 52 हजार रुपये की। मामला इतना बड़ा था कि पुलिस को इसके तार खोजने के लिए देश के 17 राज्यों के 33 जिलों तक जाना पड़ा।
अब तक इस केस में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और उनके पास से 54 लाख 84 हजार 725 रुपये बरामद भी हो गए हैं। यानी ठगी की करीब-करीब पूरी रकम पुलिस ने वापस निकाल ली।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
बात 4 अप्रैल की है। देवास के केलादेवी इलाके में रहने वाले सुरेश इंग्ले, जो एक दवा कंपनी से रिटायर्ड अधिकारी हैं, उनके साथ ठगों ने वारदात को अंजाम दिया। सुरेश जी ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही देवास पुलिस ने कोई देरी नहीं की। तुरंत ई-जीरो एफआईआर दर्ज हुई और जांच शुरू हो गई।
ठगी का तरीका जान लीजिए, काम आएगा
गिरोह के लोग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी और नारकोटिक्स जैसी एजेंसियों के अफसर बताकर फोन और वीडियो कॉल करते थे। फिर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पीड़ितों से बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवा लेते थे।
यही तरीका है जिसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है, और आजकल यह देशभर में तेजी से फैल रहा है। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे नहीं मांगती, यह बात हर किसी को याद रखनी चाहिए।
जांच में सामने आई बड़ी कड़ियां
एसपी पुनीत गेहलोद के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि ठगों ने ठगी की रकम मंगवाने के लिए कई अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। पुलिस टीम ने इन खातों की डिटेल जुटाई और संबंधित बैंक शाखाओं में जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मोबाइल नंबरों और तकनीकी सबूतों के आधार पर धीरे-धीरे गिरोह के सदस्यों की कड़ियां जुड़ती गईं।
58 हजार किलोमीटर का सफर, 127 दिन की मेहनत
इस पूरे ऑपरेशन के लिए देवास पुलिस ने 70 सदस्यों की टीमें तैयार कीं। इनमें से 19 टीमें बनाकर आरोपितों तक पहुंचने का काम शुरू हुआ। पुलिस टीमों ने 127 दिनों तक लगातार मेहनत की और इस दौरान करीब 58,315 किलोमीटर का सफर तय किया। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में दबिश दी गई।
किन-किन को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों की सूची में राजस्थान के पाली जिले से भूराराम राव, चूरू से मालाराम मेघवाल और कोटा से नाजिम खान शामिल हैं। आंध्रप्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले से थोटुकुरा हर्षवर्धन साई नरसिंह वर्मा को भी पकड़ा गया।
इसके अलावा कानपुर से वैभव शुक्ला और आयुष गुप्ता, आंध्रप्रदेश के एलुरु से मुकराम मेघा और गुजरात के वडोदरा से केयूर कुमार गिरफ्तार हुए हैं। बिहार के मधेपुरा से मोहम्मद अब्दुल्ला, कर्नाटक के दावणगेरे से अनिल कुमार, आंध्रप्रदेश के नेल्लोर से गिरिश कुमार येलेन्टि और पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम से कमल कांति को भी हिरासत में लिया गया।
अब मोंटू की बारी, जेल से आएगा देवास
पुलिस अब गिरोह के एक और अहम सदस्य मोंटू उर्फ दीपेश की तलाश पूरी कर चुकी है। जयपुर निवासी मोंटू फिलहाल गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर देवास लाने की तैयारी चल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोंटू से पूछताछ करने पर गिरोह के पूरे नेटवर्क और बाकी बचे आरोपितों के बारे में और जानकारी मिल सकती है।
