मध्यप्रदेश सरकार ने फिर लिया 2400 करोड़ का कर्ज, अब तक इतनी उधारी मे मोहन सरकार जानें ताजा आंकड़े
Madhya Pradesh debt 2026 : मध्यप्रदेश में सरकारी खजाने और कर्ज को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने 18 अगस्त को बाजार से 2,400 करोड़ रुपये की नई उधारी की। इसके साथ वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सरकार की बाजार से ली गई उधारी 47,800 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राज्य सरकार की यह नई उधारी ऐसे समय हुई, जब अगले ही दिन मैहर से लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के तौर पर 2,148 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की गई। 19 अगस्त को 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को नियमित 1,500 रुपये के साथ रक्षाबंधन के लिए 250 रुपये अतिरिक्त मिले, यानी प्रति महिला कुल 1,750 रुपये।
18 अगस्त को कैसे लिया गया 2,400 करोड़ का कर्ज?
सरकार ने 18 अगस्त को सिक्योरिटी की नीलामी के जरिए यह रकम दो हिस्सों में जुटाई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 1,400 करोड़ रुपये का कर्ज 12 साल की अवधि के लिए 7.58 प्रतिशत ब्याज दर पर, जबकि 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज 8 साल के लिए 7.39 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया गया। दोनों कर्ज पर ब्याज का भुगतान साल में दो बार यानी जनवरी और जुलाई में किया जाना है।
पांच महीने में उधारी का आंकड़ा 47,800 करोड़
चालू वित्त वर्ष शुरू होने के बाद मध्यप्रदेश सरकार लगातार बाजार से रकम जुटा रही है। 18 अगस्त की 2,400 करोड़ रुपये की नई उधारी के बाद वित्त वर्ष में अब तक की कुल बाजार उधारी 47,800 करोड़ रुपये बताई गई है। इससे पहले 4 अगस्त को भी सरकार ने कुल 3,600 करोड़ रुपये की उधारी की थी। इसमें 1,600 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग कर्ज शामिल थे।
जुलाई में भी बड़ी उधारी हुई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार 21 जुलाई को सरकार ने एक ही दिन में चार अलग-अलग हिस्सों में कुल 24,400 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसी वजह से जुलाई की उधारी ने पूरे वित्तीय साल के आंकड़े में बड़ा उछाल दिया। यानी पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार की बाजार पर निर्भरता लगातार खबरों में बनी हुई है।
लाड़ली बहना की किस्त और नई उधारी
18 अगस्त को 2,400 करोड़ रुपये की उधारी हुई और 19 अगस्त को लाड़ली बहना योजना के तहत 2,148 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई। दोनों घटनाएं लगातार दो दिनों में हुईं, इसलिए इनके बीच संबंध को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है।
लेकिन सिर्फ तारीखों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि 2,400 करोड़ रुपये का पूरा कर्ज लाड़ली बहना की किस्त देने के लिए ही लिया गया था। उपलब्ध जानकारी ऐसी सीधी वजह स्थापित नहीं करती।
19 अगस्त को मैहर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में योजना की राशि भेजी। इस बार 1,500 रुपये की नियमित किस्त के साथ 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन दिया गया, जिससे प्रत्येक पात्र महिला को 1,750 रुपये मिले।
कुल सरकारी कर्ज कितना हो गया?
31 मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज करीब 4.89 लाख करोड़ रुपये बताया गया था। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में 47,800 करोड़ रुपये की नई उधारी जोड़ने के बाद कुल कर्ज का आंकड़ा करीब 5.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार के कुल कर्ज या outstanding liabilities में केवल हाल में लिए गए बाजार कर्ज को देखकर पूरी वित्तीय स्थिति तय नहीं की जा सकती। सरकारी खातों में अलग-अलग तरह की देनदारियां और सार्वजनिक खाते की कुछ मदें भी शामिल हो सकती हैं।
PRS Legislative Research के मध्यप्रदेश बजट विश्लेषण के मुताबिक 2026-27 के अंत तक राज्य की outstanding liabilities GSDP के 32.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 32.2 प्रतिशत थी।
