मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: चाय की टपरी से लेकर सरकारी बंगलों तक लोकायुक्त का छापा, कई अधिकारी गिरफ्तार

MP Lokayukta Raid : मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त की मुहिम थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कुछ दिनों के भीतर जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर की लोकायुक्त टीमों ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर रिश्वतखोरी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। ताजा मामलों में छिंदवाड़ा में पीएचई विभाग के कर्मचारी को चाय की दुकान पर, इंदौर में पीडब्ल्यूडी के बड़े अधिकारियों को उनके सरकारी आवास पर और शिवपुरी में एक बाबू को बहाली के नाम पर पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई प्रदेश में सरकारी तंत्र के भीतर पनप रहे कमीशनखोरी के खेल को उजागर करती है।
बाबू के निर्देश पर पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा खजरी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर पैसे लेने पहुँचा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम हाथ में ली, सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। विभाग ने इस मामले में बाबू संदेश गजभिये को भी मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए आरोपी बनाया है।
यह पूरा मामला ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार के अंतिम बिलों के भुगतान से जुड़ा था। इस कार्रवाई में एक उपयंत्री अंशु दुबे का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने राशि कम होने के कारण पैसे लेने से मना कर दिया था, लेकिन साजिश में शामिल होने के कारण उन पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
छिंदवाड़ा: चाय की टपरी पर घूस लेते धराया पंप अटेंडेंट
छिंदवाड़ा जिले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एक फिल्मी अंदाज में कार्रवाई को अंजाम दिया। पीएचई विभाग में पदस्थ बाबू संदेश गजभिये ने ठेकेदार सौरभ मिश्रा से उनके बकाया भुगतान के बदले 6 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। कुल 25 हजार रुपये की इस डील में पहली किस्त के रूप में 14 हजार रुपये तय हुए थे।
बाबू के निर्देश पर पंप अटेंडेंट दर्पण मिश्रा खजरी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर पैसे लेने पहुँचा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम हाथ में ली, सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया। विभाग ने इस मामले में बाबू संदेश गजभिये को भी मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए आरोपी बनाया है। इंदौर: PWD के बड़े अफसरों के घर और दफ्तर में छापा
इंदौर में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला सामने आया है जहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) के तीन अधिकारियों पर गाज गिरी है। लोकायुक्त इंदौर ने कार्यपालन यंत्री जयदेव गौतम के सरकारी आवास से 1.50 लाख रुपये बरामद किए। वहीं, एसडीओ टी.के. जैन को उनके कार्यालय के पोर्च में ही एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
यह पूरा मामला ठेकेदार राजपाल सिंह पंवार के अंतिम बिलों के भुगतान से जुड़ा था। इस कार्रवाई में एक उपयंत्री अंशु दुबे का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने राशि कम होने के कारण पैसे लेने से मना कर दिया था, लेकिन साजिश में शामिल होने के कारण उन पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप की स्थिति है। 