सुबह धूप निकल रही है, लेकिन दोपहर या शाम तक अचानक बादल घिर जाएं और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो जाए इन दिनों मध्यप्रदेश के कई इलाकों में मौसम कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। अगर आप रीवा, जबलपुर, शहडोल या आसपास के जिलों में रहते हैं, तो अगले कुछ दिनों तक छाता साथ रखना समझदारी होगी। भारत
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले पांच दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
इन 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा। हालांकि प्रदेश के पश्चिमी और कई अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। वहां बादल आ-जा सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है।
अगले 5 दिन तापमान रहेगा लगभग स्थिर
अक्सर बारिश की खबर आते ही लोग मान लेते हैं कि तापमान तेजी से गिर जाएगा, लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है। IMD के मुताबिक अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यानी मौसम में हल्की नमी और बादलों का असर जरूर रहेगा, लेकिन तापमान सामान्य दायरे के आसपास बना रह सकता है। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पूर्वी मध्यप्रदेश पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश में वातावरण ज्यादा सक्रिय बना हुआ है। इसी वजह से जबलपुर, शहडोल और रीवा संभाग के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश देखने को मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने और नमी की उपलब्धता के कारण कुछ इलाकों में अचानक मौसम बदल सकता है। यही वजह है कि एक ही जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का असर अलग दिखाई दे सकता है।
मौसम क्यों बदल रहा है?
मानसून के सक्रिय रहने और वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम लगातार बदल रहा है। खासकर पूर्वी जिलों में बादल बनने की स्थिति अधिक अनुकूल बनी हुई है। इसी कारण आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।