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मध्यप्रदेश मौसम अपडेट: आज 20 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार, कई इलाकों में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं


Madhya Pradesh Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगर आप आज घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं तो छाता साथ रखना समझदारी होगी। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 जुलाई को प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में तेज हवाएं भी चलेंगी, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन जिन इलाकों के लिए अलर्ट जारी हुआ है वहां मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में आज बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई स्थानों पर बारिश का दौर रुक-रुककर देखने को मिल सकता है। वहीं प्रदेश के अधिकांश अन्य जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट

बारिश के साथ तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, उमरिया, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मैहर और पांढुर्णा में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे मौसम में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित भवन के अंदर रहना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

अगले चार दिनों तक मौसम का कैसा रहेगा मिजाज?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मध्यप्रदेश के मौसम में अगले चार दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी सिस्टम प्रदेश के पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में नमी बनाए हुए हैं। इसी वजह से इन इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दूसरी ओर पश्चिमी और कुछ मध्य क्षेत्रों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। यानी पूरे प्रदेश में एक जैसी बारिश देखने को नहीं मिलेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है, इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है। कई बार तेज धूप के कुछ ही देर बाद बारिश शुरू हो सकती है।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?

बीते 24 घंटों के दौरान जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान ग्वालियर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार भी कई स्थानों पर उल्लेखनीय रही। सीहोर में लगभग 44 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि सागर और आगर में करीब 43 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं दर्ज की गईं। इससे साफ है कि मानसून के बीच तेज हवा का असर कई जिलों में बना हुआ है।