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सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हो रहा है नया सिस्टम, इन जिलों में गिरेगा पानी


Madhya Pradesh Weather Update : मध्यप्रदेश के आंगन में फरवरी का महीना अपनी पूरी रंगत दिखा रहा है। आज सुबह जब प्रदेश के लोगों की आंखें खुलीं, तो नजारा बदला हुआ था। खिड़की के बाहर न तो सूरज की किरणें थीं और न ही साफ आसमान, बल्कि चारों तरफ सफेद धुंध की एक मोटी चादर लिपटी हुई थी। भोपाल से लेकर ग्वालियर और उज्जैन तक, प्रदेश का आधा हिस्सा आज घने कोहरे की चपेट में नजर आया। यह मौसम सिर्फ देखने में ही सर्द नहीं है, बल्कि इसने आम जनजीवन की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। सर्दी का आलम यह है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और सड़कों पर वाहनों की हेडलाइट्स दिन में भी जलती दिखाई दे रही हैं।

कोहरे ने रोकी रफ्तार और थमी ट्रेनों की गति

मध्यप्रदेश में छाई इस धुंध का सबसे बुरा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। खासकर दिल्ली और उत्तर भारत की तरफ से आने वाली ट्रेनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी इतनी कम हो गई है कि रेल ड्राइवरों को सिग्नल देखने में काफी परेशानी हो रही है। सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हो रहा है नया सिस्टम, इन जिलों में गिरेगा पानी इस वजह से कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा सकती है, जो ठिठुरन भरी रात और सुबह में अपनी ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं। केवल रेल ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। ग्वालियर और चंबल संभाग के कई इलाकों में तो दृश्यता यानी विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।

इन 30 जिलों में मौसम ने बदला अपना रंग

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश के लगभग 30 से ज्यादा जिले इस समय कोहरे और शीत लहर के प्रभाव में हैं। भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों के अलावा श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में सुबह के समय घना कोहरा देखा गया। सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हो रहा है नया सिस्टम, इन जिलों में गिरेगा पानी मालवा क्षेत्र की बात करें तो विदिशा, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में भी सर्दी का सितम जारी है। वहीं बुंदेलखंड और बघेलखंड के सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में भी कोहरे ने लोगों को परेशान किया। मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सर्द हवाएं चल रही हैं।

अचानक बदल गया मौसम का मिजाज

मध्यप्रदेश में आई इस अचानक सर्दी और कोहरे के पीछे कुछ खास भौगोलिक कारण जिम्मेदार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ ही एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी बना हुआ है। इन प्रणालियों के सक्रिय होने से पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है। सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हो रहा है नया सिस्टम, इन जिलों में गिरेगा पानी जब पहाड़ों की बर्फीली चोटियों को छूकर हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ आती हैं, तो वे अपने साथ कड़ाके की ठंड लेकर आती हैं। बुधवार को भी दिनभर प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फीली हवाएं चलती रहीं, जिसके कारण अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई और यह 25 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया।

आने वाले दिनों में और बिगड़ सकते हैं हालात

मध्यप्रदेश के लोगों के लिए राहत की खबर फिलहाल नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। 8 फरवरी के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक और नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है। इस नए सिस्टम का सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। सावधान! एमपी में फिर सक्रिय हो रहा है नया सिस्टम, इन जिलों में गिरेगा पानी अनुमान लगाया जा रहा है कि 10 फरवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अगर बारिश होती है, तो हवाओं में नमी और बढ़ेगी जिससे ठिठुरन में और इजाफा हो सकता है। यानी अगले एक हफ्ते तक प्रदेशवासियों को इस कड़कड़ाती ठंड और कोहरे से जूझने के लिए तैयार रहना होगा।