Vidisha News Today : मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई में
शनिवार की सुबह एक ऐसा दर्दनाक मंजर लेकर आई, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मूंग की फसल काटने की उम्मीद लेकर खेतों की ओर जा रहे मजदूरों और किसानों के लिए यह सुबह आखिरी साबित हुई। कुरवाई थाना क्षेत्र के बीना रोड पर लायरा और मलियाखेड़ा गांव के बीच एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि करीब 20 लोगों को अस्पताल के बिस्तर पर पहुंचा दिया।
ड्राइवर की एक छोटी सी भूल और खत्म हो गईं दो जिंदगियां
अक्सर कहा जाता है कि सड़क पर सावधानी हटी और दुर्घटना घटी, लेकिन यहां मामला कुछ और ही था। शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो यह हादसा ड्राइवर की एक बेहद सामान्य लगने वाली आदत की वजह से हुआ। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब ट्रैक्टर-ट्रॉली मजदूरों को लेकर खेत की तरफ बढ़ रही थी, तभी चालक चलती गाड़ी में तंबाकू खाने लगा। तंबाकू बनाने और खाने के फेर में उसका ध्यान सड़क से हटा और हाथ स्टीयरिंग से ढीला पड़ गया। बस, इसी पल ट्रैक्टर बेकाबू हुआ और देखते ही देखते सड़क किनारे पलट गया। इस झटके ने ट्रॉली में बैठे 22 लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। हादसे में 55 वर्षीय स्थानीय किसान ऋषभ साहू, जिन्हें गांव में लोग प्यार से ऋषि बुलाते थे, और उमरिया निवासी 65 वर्षीय मजदूर दरबारी कौल की दर्दनाक मौत हो गई। इन दोनों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण
सुबह का वक्त था और सड़क पर सन्नाटा था, लेकिन जैसे ही ट्रॉली पलटी, वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों की चीखें दूर-दूर तक सुनाई दीं। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही कुरवाई थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर घायलों को ट्रॉली के नीचे से निकाला और तुरंत निजी वाहनों व एम्बुलेंस की मदद से कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने 55 वर्षीय स्थानीय किसान ऋषभ साहू (उर्फ ऋषि) और उमरिया के रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर दरबारी कौल को मृत घोषित कर दिया। इन दोनों की मौत गंभीर चोटें आने की वजह से मौके पर ही हो गई थी।
घायलों में महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कुल 20 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करने जा रही थीं। माता-पिता के साथ काम पर जा रहे कुछ छोटे बच्चों को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं। कुरवाई अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद, एक मजदूर की हालत बेहद गंभीर पाई गई। डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा है, जहां प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।