भोपाल लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: सेवानिवृत्त नापतोल निरीक्षक 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
भोपाल में लोकायुक्त की विशेष ट्रैप टीम ने गुरुवार को एक सेवानिवृत्त नापतोल निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जांच के अनुसार आरोपी शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त लेने पहुंचा था। मामले में नापतोल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्रगति पेट्रोल पंप (बीपी सीटी) के संचालक अमित सिंह बघेल ने 24 जून को लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, नापतोल विभाग की जांच के दौरान पेट्रोल कम देने का आरोप लगाते हुए पेट्रोल पंप के तीन नोजल बंद कर दिए गए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।मामला खत्म करने के बदले 4 लाख रुपये मांगने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि मामले का निराकरण करने और दोबारा स्टांपिंग की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले नापतोल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन खान ने चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।प्राथमिक जांच के बाद लोकायुक्त ने बिछाया ट्रैप
लोकायुक्त ने शिकायत की प्राथमिक जांच की। शुरुआती जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया और रिश्वत लेते हुए आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।होटल में पहली किस्त लेते हुए हुई गिरफ्तारी
लोकायुक्त के अनुसार, गुरुवार को एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास एक होटल में सेवानिवृत्त नापतोल निरीक्षक हरिप्रसाद पटेल शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की पहली किस्त लेने पहुंचा। जैसे ही उसने रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।- शिकायत दर्ज: 24 जून
- कथित कुल रिश्वत मांग: 4 लाख रुपये
- पहली किस्त: 1 लाख रुपये
- गिरफ्तारी स्थल: एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास स्थित होटल
